शहरी गरीब स्वास्थ्य योजना के लिए 5 करोड़

  • स्थायी समिति ने दी मंजूरी
  •  5 करोड़ का किया जाएगा आवंटन

पुणे. शहर के ऐसे लोग जिनकी माली हालात खराब है और वे असाध्य  बीमारियों का इलाज करवाने में असमर्थ हैं, ऐसे गरीब लोगों के लिए महापालिका प्रशासन की ओर से शहरी-गरीब  स्वास्थ्य सहायता परियोजना शुरू की गयी है. इसे लोगों का खासा प्रतिसाद मिल रहा है. लेकिन हर साल इस योजना की वजह से महापालिका को ज्यादा खर्चा आ रहा है. पहले से ही मनपा की माली हालात खराब है, ऐसे में अब ये खर्चा बढ़ने से मनपा प्रशासन परेशान है क्योंकि जब यह योजना 2010 में शुरू की गई थी, तब इस पर 93 लाख का खर्चा किया गया था, लेकिन अब जारी साल में यह खर्चा बढ़कर लगभग 39 करोड़ तक जा रहा है. इस वजह से बजट में प्रावधान करने के बावजूद भी राशि कम पड़ रही है. इस वजह से हाल ही में प्रशासन ने 5 करोड़ के आवंटन का प्रस्ताव स्थायी समिति के समक्ष रखा था. स्थायी ने इसे मंजूरी दी है. ऐसी जानकारी समिति के अध्यक्ष हेमंत रासने ने दी.

अब तक 39 करोड़ किए है खर्च

विगत वित्तिय साल में इस योजना के लिए 20 करोड़ का आवंटन किया गया था, लेकिन यह राशि खत्म हो गई है. क्योंकि साढ़े बार करोड़ रुपए की राशि विगत साल की देनी थी. इस वजह से यह राशि जल्द ही खत्म हुई. इस वजह से हाल ही में प्रशासन ने और 15 करोड़ रुपए इस योजना के लिए देने की मांग की थी. हाल ही में इसे स्थायी समिति ने मंजूरी दी है. यह राशि दिसंबर माह तक पर्याप्त होगी. जनवरी के बाद फिर आवंटन करना होगा. यानी यह खर्चा लगभग 50 करोड़ तक जाएगा. इसके अनुसार जारी वित्तीय साल में 39 करोड़ का खर्चा किया है. तो उसके लिए बजट में 42 करोड़ का प्रावधान है. इस वजह से प्रशासन ने 5 करोड़ देने का प्रस्ताव स्थायी समिति के समक्ष रखा था. इसे समिति ने मंजूरी दी. इस बीच प्रशासन द्वारा कहा गया कि लोगों के आ रहे ज्यादा पत्र, साथ ही जो दर बढ़ते जा रहे है, इससे भी इस योजना की वजह से मनपा पर बोझ आ रहा है.