कीटक नाशक प्रबंधन विधेयक भारतीय किसानों के लिए नुकसानदेह

क्रॉप केयर फेडरेशन की ओर से विधेयक वापस लेने की मांग

पुणे. केंद्र सरकार द्वारा राज्यसभा में लाया गया कीटक नाशक प्रबंधन विधेयक – 2020 यह किसानों की दृष्टि से बेहद घातक है. इसमें कई तरह की खामियां होने के कारण इस विधेयक को फौरन वापिस लिया जाए, ऐसी मांग क्रॉप केयर फेडरेशन (सीसीएफआई) की ओर से की गई है.

खामियों भरा है विधेयक

इस संदर्भ में सीसीएफआी की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता में क्रॉप केयर फेडरेशन की टेक्निकल कमिटी के चेयरमन डॉ. अजित कुमार ने बताया कि, केंद्र सरकार द्वारा लाया गया गया यह नया विधेयक भारत में कीट नाशकों का पंजीकरण, उत्पादन, निर्यात, बिक्री तथा उपयोग के उपयोग को विनियमित कराने वाला विधेयक है. किंतु इसमें कई तरह की खामियां है, जोकि देश के कृषि क्षेत्र और किसानों को भारी नुकसान पहुंचा सकती है.

संसद में परामर्श लेना जरूरी

उन्होंने कहा कि, इस विधेयक के संदर्भ में संसद में विस्तार से परामर्श लेना जरुरी है. यह विधेयक हमारे देश में फसल सुरक्षा उद्योग को प्रभावित करेगा. जिससे किसानों के उत्पादन पर काफी असर दिखाई देगा. ऐसा हुआ तो किसानों को भारी नुकसान होगा. पहले से समकट झेल रहे कृषि क्षेत्र इस विधेयक के अमल से किसानों की आजीविका को गंभीर रूप से बाधित करेगा, जिससे देश की खाद्य सुरक्षा भी खतरे में आ जाएगी.

आयात पर निर्भरता बढ़ेगी

इस समय बोलते हुए भारत कृषक समाज के अध्यक्ष कृष्ण बीर सिंह चौधरी ने कहा कि, देश के प्रधानमंत्री एक ओर किसानों की आय को दोगुना बनाने और फसलों की लागत को कम करने की बात कहते है. लेकिन यह विधेयक उन्हीं की इस बात की पूर्ति नहीं करता. आज हमें कृषि उपज के निर्यात पर ज्यादा जोर देने की आवश्यकता है, लेकिन यह विधेयक लागू हुआ तो इससे देश की आयात पर निर्भरता काफी बढ़ेगी.

किसानों की आजीविका होगी प्रभावित

अगर कीटकनाशक प्रबंधन विधेयक अपने मौजूदा स्वरूप में राज्य सभा में पारित कर दिया जाता है तो यह न केवल भारतीय कृषि पर बल्कि किसानों  की आजीविका पर भी काफी दूरगामी प्रभाव डालेगा. इसलिए इसकी उचित समीक्षा कर इसमें बदलाव किए जाएं, ऐसा मत इस प्रेस वार्ता में व्यक्त किया गया.