पिंपरी-चिंचवड में माइक्रो कंटेन्मेंट ज़ोन की संख्या 2 हजार के पार

    पिंपरी. कोरोना (Corona) के बढ़ते संक्रमण से बेजार पिंपरी-चिंचवड शहर (Pimpri-Chinchwad City) में मरीजों (Patients) की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इससे शहर में कंटेन्मेंट जोन (Containment Zone) भी बढ़ रहे हैं। पिंपरी-चिंचवड़ शहर में फिलहाल 354 मेजर और 2017 मायक्रो कंटेन्मेंट ज़ोन (Micro containment zone) हैं। इसमें मनपा के ड़ क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत आनेवाले वाकड, पिंपलेनिलख, पिंपलेसौदागर, पिंपलेगुरव इलाकों, जहां अब तक सर्वाधिक मरीज मिले हैं, में 550 माइक्रो कंटेन्मेंट जोन है, जबकि 91 हॉउसिंग सोसाइटियों को सील किया गया है।  

    कोरोना का संक्रमण चारों तरफ बढ़ रहा है। इसे रोकने के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया है। पिंपरी-चिंचवड़ मनपा भी विभिन्न उपाय कर रहा है। मरीजों के संपर्क में आने वाले व्यक्तियों की जांच की जा रही है। संपर्क में आनेवाले व्यक्तियों की टेस्ट कर कंटेन्मेंट जोन घोषित किए जा रहे हैं। हालांकि, मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ‘ड’ क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत आने वाले वाकड, पिंपले निलख, पिंपले सौदागर और पिंपले गुरव इलाकों में कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इस क्षेत्र में हर दिन चार-चार सौ नए मरीज मिलते हैं। यह हिस्सा हाउसिंग सोसाइटी का है, जहां ज्यादातर लोग होम आइसोलेशन में अपना इलाज करा रहे हैं। 

    91 हॉउसिंग सोसाइटियों को सील किया गया

    ‘ड’ क्षेत्रीय कार्यालय की सीमा में आनेवाले वाकड में 32, पिंपलेनिलख में 18, पिंपलेसौदागर में 25 और पिंपलेगुरव में 16 कुल 91 मेजर कंटेन्मेंट जोन हैं। ज्यादा मरीजों वाली 91 हॉउसिंग सोसाइटियों को सील किया गया है। फिलहाल यहां 550 माइक्रो कंटेन्मेंट जोन हैं, जबकि पूरे क्षेत्रीय कार्यालय में। इसकी संख्या 1508 तक पहुंच गई थी हालांकि उसमें से 958 जोन बाद में रद्द किए गए। इन इलाकों में कोरोना के 4350 मरीज हैं। उसके बाद ‘ग’ क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत आनेवाले पिंपरीगांव, थेरगांव, गणेशनगर, रहाटणी इलाकों ने 3750 और ‘ब’ क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत आनेवाले रावेत, किवले-विकासनगर, बिजलीनगर, चिंचवडेनगर, चिंचवड प्रभाग में 3300 मरीज हैं।

    बड़ी संख्या में रोजाना मिल रहे मरीज

    ‘ड’ क्षेत्रीय अधिकारी सुषमा शिंदे ने कहा कि, “वाकड, पिंपलेनिलख, पिंपलेसौदागर, पिंपलेगुरव प्रभाग में रोजाना साढ़े तीन सौ के आसपास मरीज मिल रहे हैं। ताथवडे, पुनावले, वाकड, पिंपलेनिलख, पिंपलेगुरव, पिंपलेसौदागर इलाकों में लोगों के बाहर घूमने- फिरने का प्रमाण ज्यादा है। यहां आईटी पार्क में काम करनेवाले लोगों के वास्तव्य का प्रमाण अधिक है। बड़ी हॉउसिंग सोसाइटियों में मरीज ज्यादा मिल रहे है। इस बजह से पूरे प्रभाग में मरीज़ों की संख्या ज्यादा है। हालांकि अब लॉकडाउन से कुछ फर्क पड़ेगा। नागरिकों को नियमों का पालन करना चाहिए। हम जागरूकता बढ़ा रहे हैं। बिना मास्क के बाहर निकलने और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगभग 8 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है।  सुबह, शाम को दस्ते घूमते हैं। वार्ड में सात टीकाकरण केंद्र हैं और दो और जल्द शुरू होंगे। शिंदे ने यह भी कहा कि टीकाकरण पर जोर दिया जा रहा है।