स्थायी समिति के तेवर तल्ख

  • स्थायी समिति बैठकों से विभाग प्रमुख नदारद
  • 9 विभाग प्रमुखों को उपस्थित रहना अनिवार्य
  • अतिरिक्त आयुक्त के निर्देश

पुणे. महापालिका में स्थायी समिति सबसे अहम मानी जाती है. साथ ही प्रत्येक हफ्ते में समिति की बैठक होती है. इस बैठक में उपस्थित रहना सभी अधिकारियों को अनिवार्य किया गया था. लेकिन कोरोना की कालावधि में सभी अधिकारियों के लिए इस बैठक में आना आवश्यक नहीं है, ऐसा मनपा अतिरिक्त आयुक्त रूबल अग्रवाल ने कहा था. अपने विभाग का विषय हो तो ही इस बैठक के लिए उपस्थित रहें. ऐसे निर्देश अतिरिक्त आयुक्त द्वारा जारी किए गए थे. लेकिन विषय होने के बावजूद भी अधिकारी उपस्थित नहीं हो रहे हैं. इसको लेकर स्थायी समिति अध्यक्ष हेमंत रासने व सदस्यों ने नाराजगी दर्शायी है.  अतिरिक्त आयुक्त रूबल अग्रवाल ने 9 अधिकारियों को बैठक में उपस्थित रहना अनिवार्य किया है. शेष अधिकारियों को ऐन समय पर बुलाने से उपस्थित रहना पड़ेगा. 

ऑनलाइन भी उपस्थिति नहीं दिख रही 

महापालिका अतिरिक्त आयुक्त के पहले निर्देशानुसार स्थायीसमिति में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं. इसके लिए सभी विभाग प्रमुखों को उपस्थित रहना अनिवार्य किया गया था. लेकिन अब कोविड -19 का प्रकोप देखकर सोशल डिस्टेन्सिंग का अनुपालन करना जरुरी है. इस वजह से उपस्थिति को देखकर स्थायी समिति अध्यक्ष व मनपा आयुक्त के साथ चर्चा कर कई निर्णय लिए थे.

इसके अनुसार समिति की बैठक के लिए महापालिका आयुक्त व् तीन अतिरिक्त आयुक्त में से एक, नगर अभियंता, स्वास्थ्य विभाग प्रमुख, मुख्य लेखा व वित्त अधिकारी, जलापूर्ति मुख्य अभियंता, घनकचरा विभाग प्रमुख व जिस विभाग का विषय हैं, उससे संबंधित अधिकारी उपस्थित रहेंगे. समिति की सभा में भी  सभी को सोशल डिस्टन्सिंग नियम का पालन करना होगा. शेष अधिकारी अपने ही कार्यालय में बैठे. ऐसे निर्देश अतिरिक्त आयुक्त ने दिए थे. लेकिन विषय होने के बावजूद भी अधिकारी उपस्थित नहीं दिख रहे है. इसको लेकर स्थायी समिति अध्यक्ष हेमंत रासने व सदस्यों ने नाराजगी दर्शायी है. अतएव अतिरिक्त आयुक्त रूबल अग्रवाल ने 9 अधिकारियो को बैठक में उपस्थित रहना अनिवार्य किया है.  शेष अधिकारियों को ऐन समय पर विषय आने से से उपस्थित रहना पड़ेगा. जो अधिकारी अनुपस्थित रहेंगे उन पर कार्रवाई की चेतावनी भी अतिरिक्त आयुक्त रूबल अग्रवाल द्वारा दी गई है.