टीआरपी घोटाला : केंद्रीय सूचना मंत्री की अक्षम्य लापरवाही कैसे?

  • मंत्री जावड़ेकर से कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता गोपाल तिवारी का सवाल

पुणे. टीवी-समाचार चैनलों का भयानक टीआरपी घोटाला मुंबई पुलिस ने उजागर किया है. दरअसल टीवी चैनलों के घोटाले को केंद्रीय सूचना और प्रसारण विभाग और उनके मंत्रियों के ध्यान की आवश्यकता थी.  हालांकि राज्य कांग्रेस के प्रवक्ता गोपाल तिवारी ने आरोप लगाया है कि केंद्र करोड़ों के इन घोटालों के समर्थन में भूमिका निभा रहा है.

भड़काऊ प्रवृत्ति बढ़ी  

तिवारी ने कहा कि जब से मोदी सरकार सत्ता में आई है, तब से चुनिंदा समाचार चैनलों की एकतरफा, शालीन और सामयिक भूमिका में वृद्धि हुई है. नतीजा सामाजिक वातावरण को भड़काने वाली प्रवृत्ति भी बढ़ी है. पिछले कुछ दिनों में ये चैनल एक तरफा और घृणित पत्रकारिता में उलझे हुए हैं. जो अपने स्वयं के विषय को प्रस्तुत कर राष्ट्र का ध्यान हटाने की कोशिश कर रहे हैं. ज्वलंत मुद्दों और महत्वपूर्ण मुद्दों को हटाकर देश को गुमराह कर रहा है. तिवारी ने  कहा कि पत्रकारिता के मूल धर्म से हटकर, जिस विषय पर आप चाहते हैं उस पर मीडिया ट्रायल चलाए और न्यायिक तथा पुलिस प्रशासनिक जांच मशीनरी के प्रयासों को विफल करने का प्रयास करें, जो आप चाहते हैं वह कथा बनाएं, ऐसे काम चैनल द्वारा किए जा रहे हैं. बड़ी कंपनियों और कंपनियों पर आधारित  मुंबई पुलिस इस बात को आगे ले आई है कि इस प्रकार की मनी लॉन्ड्रिंग बहुत बड़ी थी.

सूचना मंत्री की जिम्मेदारी

तिवारी ने कहा कि रिपब्लिक टीवी नामक एक समाचार चैनल ने सारी हदें पार कर दी हैं. यह मामला मुंबई पुलिस और पुलिस कमिश्नर द्वारा उजागर किया गया. टीआरपी घोटाला स्वतंत्र भारत का पहला घोटाला है. इसके लिए सीधी ज़िम्मेदारी प्रकाश जावड़ेकर को इस विभाग के मंत्री के रूप में मिलती है. उनके विभाग ने इस बड़े घोटाले की अनदेखी कैसे की? गोपाल तिवारी ने मांग की है कि उन्हें एक मंत्री के रूप में जिम्मेदारी लेनी चाहिए. साथ ही ऐसे घोटाले ना हो, इस पर रोक लगानी चाहिए.