Home Minister Amit Shah at the 51st Foundation Day celebrations of Bureau of Police Research and Development

    नयी दिल्ली:  भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को कहा कि सहकारिता मंत्री अमित शाह शनिवार को यहां सहकारिता के पहले विशाल सम्मेलन को संबोधित करेंगे और दुनिया भर में ऐसे सामूहिक निकायों से जुड़े करोड़ों लोग डिजिटल तरीके से कार्यक्रम में शामिल होंगे।

    पार्टी ने एक बयान में कहा कि इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित  कार्यक्रम में सहकारिता से संबद्ध 2,000 से अधिक लोग मौजूद रहेंगे। शाह देश के गृह मंत्री भी हैं। वह कार्यक्रम में इस क्षेत्र के विकास के लिए सरकार के दृष्टिकोण और खाका की रूपरेखा बता सकते हैं। यह पहला सहकारिता सम्मेलन है जिसे शाह नए सहकारिता मंत्रालय के प्रभारी मंत्री के रूप में संबोधित करेंगे। इस साल जुलाई में देश में सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने के उद्देश्य से सहकारिता मंत्रालय बनाया गया था।

    इस सम्मेलन का आयोजन इफको, भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ, अमूल, सहकार भारती, नफेड, कृभको सहित अन्य सहकारी निकायों द्वारा किया जा रहा है। इस अवसर पर सहकारिता राज्य मंत्री बी एल वर्मा तथा इंटरनेशनल कोऑपरेटिव एलायंस (ग्लोबल) के अध्यक्ष एरियल ग्वारको भी मौजूद रहेंगे।

    मंत्रालय के प्रवक्ता ने इससे पहले संवाददाताओं से कहा था, “यह पहला बड़ा कार्यक्रम है (जहां) मंत्री सहकारिता संगठनों को संबोधित करेंगे तथा सरकार के दृष्टिकोण को साझा करेंगे और देश में इस क्षेत्र के विकास के लिए रोडमैप की रूपरेखा बताएंगे।” उन्होंने कहा कि यह पहला मौका होगा जहां सहकारिता संगठनों के सदस्य इस क्षेत्र के लिए सरकार की योजना के बारे में सीधे मंत्री से सुनेंगे। 

    इस आयोजन में आठ करोड़ से अधिक लोग डिजिटल तरीके से भाग लेंगे। इफको के एक अधिकारी ने कहा कि इंटरनेशनल कोऑपरेटिव एलायंस (ग्लोबल) से जुड़े 110 देशों के करीब 30 लाख सहकारी संगठनों के भी इसमें शामिल होने की उम्मीद है। इफको ने पहले एक बयान में कहा था कि यह सम्मेलन वैश्विक स्तर पर भारतीय सहकारिता को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाएगा। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ उद्देश्य को साकार करने की दिशा में भी काम करेगा।

    मंत्रालय का मूल मंत्र देश में सहकारी आंदोलन को मजबूत बनाना, एक अलग प्रशासनिक, कानूनी और नीतिगत ढांचा प्रदान करना तथा बहु-राज्यीय सहकारी समितियों (एमएससीएस) के विकास को सक्षम बनाने के लिए प्रक्रियाओं को व्यवस्थित करना है।