9 दिनों के बाद बतकम्मा देवी का विसर्जन, उत्सव से सामाजिक एकता का संदेश

    गड़चिरोली. सिरोंचा तहसील यह तेलंगाना राज्य की सीमा पर बसी होने के कारण इस तहसील में तेलगु भाषिक नागरिक अधिक है. तेलगु भाषिक राज्य के परंपरा नुसार सिरोंचा में बतकत्ता उत्सव मनाया जाता है.

    यह उत्सव बनाने के लिये महिलाएं नये वस्त्र परिधान कर अमावश्या के दिन बतकमा देवी की स्थापना करते है. प्रति वर्ष की तरह इस वर्ष भी सिरोंचा में बतकम्मा देवी की स्थापना कर इस देवी का विसर्जन गुरूवार को शाम के समय किया गया.

    बता दे कि, सिरोंचा तहसील के तेलंगाना राज्य के लोगों के साथ रोटी-बेटी का व्यवसार होता है. जिससे इस राज्य के अनेक उत्सव सिरोंचा तहसील में भी बनाए जाते है. जिससे रितिरिवाज और परंपरा की एकता दिखाई देती है. बतकम्मा उत्सव भी इसी का एक हिस्सा है.

    ]विजयादशमी के एक दिन पहले शाम के समय गांव में प्रतिष्ठापना की गई सभी बतकम्मा देवी को प्राणहिता नदी तट पर स्थित विठलेश्वर मंदिर समीस्थ प्रांगण में ले जाया जाता है.इसके बाद विधिवत पुजा-अर्चना कर देवी का विसर्जन किया जाता है.

    गुरूवार को शाम के समय पुजा-अर्चना करने के बाद बतकम्मा देवी का विसर्जन किया गया. यह उत्सव मनाने के लिये सिरोंचा नगर पंचायत द्वारा सुविधा उपलब्ध कराई गयी थी.