ममता-प्रियंका मुकाबला होगा दिलचस्प

    बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 30 सितंबर को भवानीपुर सीट से होने वाले विधानसभा उपचुनाव में हराने के लिए बीजेपी ने कमर कस ली है. इसके लिए उसने 2 तरह की रणनीति अपनाई है. पहले तो महिला कार्ड इस्तेमाल करते हुए बीजेपी ने प्रियंका टिबरेवाल को उम्मीदवार बनाया है और दूसरा काम यह किया कि भवानीपुर उपचुनाव के लिए हर वार्ड में 8 बीजेपी विधायकों की नियुक्ति की गई है ताकि प्रियंका के पक्ष में भरपूर मतदान कराया जा सके. 

    प्रियंका टिबरेवाल ने अपना चुनाव प्रचार शुरू करते हुए कहा कि टीएमसी और ममता बनर्जी लोगों से जीने का अधिकार छीन रहे हैं तथा मैं यह लड़ाई बंगाल के लोगों के लिए लड़ रही हूं. भवानीपुर के टीएमसी विधायक शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने हाल ही में इस्तीफा देकर ममता बनर्जी के निर्वाचित होने के लिए यह सीट खाली कर दी. इस सीट से ममता का पुराना नाता रहा है. 2011 के विधानसभा चुनाव में ममता विधानसभा सदस्य नहीं थीं, तब भी उन्होंने उपचुनाव लड़ा था. तब सुब्रत बनर्जी ने ममता के लिए भवानीपुर की सीट खाली की थी. उस उपचुनाव में ममता बनर्जी ने सीपीएम की नंदिनी मुखर्जी को 95,000 वोटों से हराया था. तब कांग्रेस प्रत्याशी दीपा 25,301 वोटों से हारी थीं.

    खास बात यह है कि उपचुनाव के पूर्व बीजेपी के 4 विधायक पार्टी छोड़कर टीएमसी में शामिल हो गए हैं. यदि ममता जीत जाती हैं तो उनका फिर से विधानसभा में जाने का रास्ता खुल जाएगा. यदि वे हार गईं तो सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ेगा क्योंकि 6 माह के भीतर उन्हें निर्वाचित होने की संवैधानिक बाध्यता है और यह समय बीतता जा रहा है. भवानीपुर के साथ ही समसेरगंज, जंगीपुर व पिपली सीटों पर भी 30 सितंबर को उपचुनाव हो रहे हैं जिनका नतीजा 3 अक्टूबर को होने वाली मतगणना के बाद आएगा.