आसमान में शादी!

    परंपरावादी लोग मानकर चलते हैं कि जोड़े आसमान से बनकर आते हैं और इस जमीन या धरती पर विवाह की रस्म उन्हें एक दूसरे से मिला देती है. पुरानी फिल्म ‘कोहिनूर’ का गीत था- ‘दो सितारों का जमीं पर है मिलन आज की रात!’ यदि किसी को शंका होती है तो वह कहता है- ‘मेरे नसीब में तू है कि नहीं, तेरे नसीब में मैं हूं कि नहीं!’ बहरहाल एक युगल ऐसा भी निकला जिसने जमीन पर शादी करने की बजाय आसमान में विवाह करना उचित समझा. जमीन पर ‘लॉ आफ दि लैंड’ लागू होता है. घर-बाहर के मिलाकर 50 से ज्यादा लोग शामिल नहीं हो सकते.

    मास्क और सोशल डिस्टेंस के साथ कम समय में चट मंगनी पट ब्याह करना पड़ता. बैंड-बाजा-बारात का तो सवाल ही नहीं था. इसलिए तमिलनाडु में मदुरै के एक युगल ने चार्टर्ड फ्लाइट बुक की जिसमें तमाम रिश्तेदारों को साथ ले गए और उड़ते विमान में शादी कर ली. किसी ने मास्क नहीं लगाया. कोविड नियमों की धज्जियां उड़ीं लेकिन शादी हो गई. तब शायद यह गीत इस युगल के दिमाग में गूंज रहा होगा- आसमां के नीचे, हम आज अपने पीछे, प्यार का जहां बसाते चले! हवा के साथ-साथ, घटा के संग-संग, ओ साथी चल. इस हवा-हवाई शादी को लेकर डीजीसीए ने एयर लाइन से रिपोर्ट मांगी है लेकिन इससे क्या होगा! मियां बीवी राजी तो क्या करेगा काजी!