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    -विनय कुमार

    IPL के सीज़न-15 यानी, IPL 2022 के लिए BCCI ने 2 नई टीमों के शामिल होने की घोषणा पहले ही कर दी थी। जिसके बाद पिछले महीने BCCI ऑक्शन का आयोजन किया था। इस नीलामी में अहमदाबाद और लखनऊ, 2 नई फ्रैंचाइजी टीम मिली। हालांकि, BCCI अभी भी अहमदाबाद टीम (Ahmedabad IPL Franchise Team) का मालिकाना हक रखने वाली फर्म CVC CAPITALS के बिजनेस लिंक्स की जांच में मशरूफ है। खबर है कि ‘CVC SPORTS’ को BCCI की तरफ से अब तक ‘लेटर ऑफ इंटेंट’ (LOI) नहीं दिया गया है।

    गौरतलब है कि BCCI ने लखनऊ और अहमदाबाद की नई टीमों के लिये ऑक्शन की घोषणा की थी, जिसमें RPSG ग्रुप ने 7090 करोड़ रुपए की सबसे बड़ी बोली लगाई और लखनऊ की टीम (Lucknow Team) खरीद ली थी। और, ‘CVC SPORTS’ ने अहमदाबाद टीम (Ahmedabad IPL Franchise Team) 5625 करोड़ रुपए की सबसे बड़ी बोली लगाकर अपने नाम किया। लेकिन, नीलामी के ठीक अगले दिन CVC CAPITAL PARTNERS के बेटिंग कंपनियों में निवेश की बात फूटी, उसी खबर में बाद यह देरी हो रही है।

    ‘CVC SPORTS’ के प्रतिनिधि BCCI को यह समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि UK की बेटिंग फर्म ((Betting Firm) में किया गया उनका निवेश पूरी तरह से कानूनी है। सूत्रों के मुताबिक, CVC ने इस मामले को लेकर भारत और दुबई में BCCI के ऑफिशल्स से बात की है। इस बीच खबर ये भी आ रही है कि इस मामले पर BCCI का फैसला एक-दो दिन में आ जाएगा। 

    गौरतलब है कि ‘CVC CAPITAL’ की बेटिंग कंपनियों में निवेश की बात सामने आने के बाद BCCI की लीगल टीम ने इस मामले में जांच शुरू कर दी थी। BCCI से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, नीलामी में हिस्सा लेने वाले पक्ष को पहले ही इस बात से अवगत करा दिया था कि अगर ऑक्शन के दौरान तक उनके व्यापारिक जड़ों की जांच नहीं हो पाती है, तो BCCI बाद में भी जांच कर सकता है।

    गौरतलब है कि ‘CVC CAPITAL’ ने अभी तक इस मामले पर कोई बयान नहीं दिया है। लेकिन, ऐसी चर्चा ज़रूर है कि फैसला उनके पक्ष में हो सकता है। सूत्र बताते हैं कि निवेशकों ने दावा किया है कि BCCI के एक बड़े स्टेक होल्डर के साथ, कई बड़ी विदेशी कंपनियों ने बेटिंग कंपनियों (Betting Company) में निवेश किया है। उन्होंने यह भी कहा है कि यह किसी भी तरह से गैरकानूनी नहीं, जैसा कि हंगामा मचाया गया है।

     गौरतलब है कि ‘CVC CAPITALS’ के बेटिंग कंपनियों में निवेश की बात फूटने के बाद सबसे पहले BCCI पर उंगलियां उठीं, और आशंका जताई गई कि कि IPL पर फिक्सिंग और सट्टेबाजी का खतरा मंडरा रहा है। IPL कॉन्सेप्ट के मुख्य प्लानर और आईपीएल के पूर्व चीफ़ (फिलहाल भारत की अदालतों की नजर में फरार आरोपी) ललित मोदी (Lalit Modi) ने भी इस मामले में BCCI पर निशाना साधते हुए उसे कठघरे में खड़ा किया।