आज अकोला में कांवड़ पालकी उत्सव, सिर्फ एक मान की पालकी, 25 लोगों को अनुमति

    • तगड़ा पुलिस बंदोबस्त लगाया गया

    अकोला. कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए तथा तीसरी संभावित लहर का फैलाव न हो इसके लिए अकोला के जिलाधिकारी ने 6 सितंबर को अंतिम श्रावण सोमवार के अवसर पर मान की एक पालकी तथा सिर्फ 25 शिवभक्तों को विभिन्न शर्तों के साथ आने जाने की अनुमति दी है. इसी तरह संपूर्ण कांवड़ यात्रा मार्ग पर धारा 144 के अनुसार आदेश जारी रहेगा. 

    हर वर्ष लगता था मेला

    यह उल्लेखनीय है कि श्रावण के अंतिम सोमवार को यहां पर एक एतिहासिक परम्परा वर्षों से चली आ रही है. हजारों शिवभक्त यहां से करीब 18 कि.मी. स्थित गांधीग्राम (वाघोली) में स्थित पूर्णा नदी से कांवड़ द्वारा जल लेकर पैदल अकोला आकर अकोला के ग्राम देवता भगवान श्री राजराजेश्वर मंदिर में स्थित शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं.

    इस तरह श्रावण सोमवार को इस मार्ग पर बहुत बड़ा मेला सा लग जाता था. लेकिन कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए सिर्फ एक मान की पालकी और 25 कांवडधारियों को अनुमति प्रदान की गयी है. इस उत्सव में जिले भर से आए हजारों लोग शामिल होते थे और कांवड़ पालकियां देखते थे. यह अकोला का एक बहुत बड़ा उत्सव रहता है. लेकिन कोरोना वायरस के कारण यह उत्सव पूरी तरह से फीका हो गया है. 

    बड़ी संख्या में पुलिस बंदोबस्त

    पुलिस अधीक्षक जी.श्रीधर के मार्गदर्शन में 6 सितंबर को कांवड़ पालकी उत्सव के लिए तगड़ा पुलिस बंदोबस्त लगाया गया है. जिसमें एक उप विभागीय पुलिस अधिकारी, 11 पुलिस निरीक्षक, 3 सहायक पुलिस निरीक्षक, 23 पुलिस उप निरीक्षक, 480 पुलिस कर्मी, 3 आरसीपी प्लाटून, 02 राज्य आरक्षित पुलिस बल के प्लाटून इस अनुसार तगड़ा पुलिस बंदोबस्त लगाया गया है. इसी प्रकार कांवड़ पालकी मार्ग पर वॉच टावर तैयार किया गया है. जिसमें 6 कैमरा वाहन द्वारा पेट्रोलिंग की जाएगी. इसी तरह संपूर्ण कांवड़ पालकी मार्ग पर पुलिस दल द्वारा ड्रोन कैमरे से चित्रीकरण किया जाएगा. इस तरह इस पूरे मार्ग पर पुलिस की नजर रहेगी.