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प्रतीकात्मक तस्वीर

    अमरावती. राजापेठ क्षेत्र से गुम हुए 40 वर्षीय व्यक्ति की दुर्घटना में मौत के मामले में परिजनों ने और एक आरोप पुलिस पर लगाया है. परिजनों का आरोप है कि घायल प्रदीप वामनराव उभाड का इर्विन में 10 दिनों तक लावारिस के तहत इलाज किया गया, जबकि इर्विन प्रशासन के संबंधित डाक्टर बार-बार बडनेरा पुलिस को सूचना दे रही थी कि प्रदीप की हालत दिन ब दिन बिगडती जा रही है, जिन्हें नागपुर मेडिकल कालेज रेफर करना सख्त जरुरी है. 

    बावजूद बडनेरा पुलिस ने दुर्घटना में घायल प्रदीप को इलाज के लिए नागपुर नहीं रेफर किया. उनका जिला अस्पताल में इलाज चलने दिया. आखिरकार 10 दिनों बाद मरीज ने दम तोड़ दिया. इसीलिए इस विषय में घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है.

    बाइक नंबर से मिल सकता था नाम, पता

    परिजनों ने बताया कि राजापेठ थाना क्षेत्र के जेवड नगर में रहने वाले 40 वर्षीय प्रदीप वामनराव उभाड 8 मार्च को अचानक लापता हो गया. जिसकी गुमशुदा की रिपोर्ट रिश्तेदारों ने 8 मार्च को ही राजापेठ थाने में दर्ज कराई थी. लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट के बाद भी उसे नहीं तलाशा.  इस बीच भानखेडा रोड पर संत कंवरधाम के पास बाइक से किसी रिश्तेदार के घर जाते समय प्रदीप उभाड की भीषण दुर्घटना हो गई.

    सूचना पर बडनेरा पुलिस ने घायल प्रदीप उभाड को जिला अस्पताल में भरती किया. लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी बडनेरा पुलिस ने रिश्तेदारों को इस बारे में जानकारी नहीं दी, जबकि घायल के पास बाइक मिली थी. बाइक के नंबर के आधार घायल का नाम, पता सभी जानकारी मिल सकती थी. फिर भी पुलिस ने इस ओर ध्यान नहीं दिया. आखिरकार 19 मार्च की शाम 5 बजे प्रदिप उभाड की मौत हो गई. लापरवाही करने वाले संबंधित कर्मी पर कार्रवाई करने की मांग की गई.