electricity bill
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    औरंगाबाद : एमएसईडीसीएल (MSEDCL) की कृषि-विद्युत नीति (Agro-Electricity Policy) में 50 प्रतिशत रियायत लेने के लिए अब महज 47  दिन शेष हैं,  कृषि पंपों (Agricultural Pumps) का बिजली बिल (Electricity Bill) आज चुकाएं और कल भुगतान (Payment) करें। यह सोचकर कृषि पंपों का बिजली बिल अदा करने लापरवाही (Negligence) करने वालों के लिए 50 प्रतिशत छूट की मियाद  31 मार्च को समाप्त हो रही है, और अप्रैल से बिल में केवल 30 प्रतिशत की छूट उपलब्ध होगी।  एमएसईडीसीएल  के औरंगाबाद सर्कल के मुख्य अभियंता भुजंग खंदारे ने किसानों से अपील की है कि वे समय सीमा का इंतजार किए बिना योजना में शामिल हों और अपने बकाया और वर्तमान बिलों का भुगतान कर  50 प्रतिशत छूट का लाभ उठाकर  बिजली आपूर्ति खंडित होने की परेशानी से राहत पाए। 

    मुख्य अभियंता भुजंग खंदारे ने औरंगाबाद अंचल में कृषि पंप बिजली बिल वसूली को लेकर जोरदार प्रतिसादमिलने का दावा किया है।  जिस गांव में वसूली उसी गांव में कार्य यह निकष सामने रखकर महावितरण द्वारा गांवों में बिजली मरम्मत के कार्य जारी है। जिसके चलते कई गांव वसूली के लिए आगे आ रहे है। कृषि बिजली नीति, किसानों तक पहुंचाने के लिए खेती के बांधों पर, गांव के छोटे छोटे किनारों पर सम्मेलन लेकर किसानों को कृषि पपों के लिए बिजली बिल की बकाया राशि अदा करने के लिए आगाह किया जा रहा है। एक गांव एक दिन मुहिम में गांव के बिजली समस्याएं हल की जा रही है। इसके बावजूद आज नहीं कल बिल अदा करेंगे, यह सोचकर कृषि पंप की बिजली बिल अदा करने वालों की इस मानसिकता में एक साल गुजरने आया है। अब 50 प्रतिशत माफी योजना का लाभ लेने के लिए सिर्फ 47 दिन बचे है।

    औरंगाबाद परिमंडल में नीति के के पूर्व खेती की बकाया राशि 4 हजार 462 करोड़ रुपए थी। ब्याज, जुर्माना, छूट और बिल की राशि में बदलाव से किसानों के करीब 1818 करोड़ रुपए की राशि माफ हुई है। वहीं, सुधारित बकाया में भी 50 प्रतिशत बकाया राशि माफ होने के चलते किसानों को 50 प्रतिशत हिस्से के रुप में 1321 करोड़ से अधिक चालू बिल 702 करोड़ इस तरह कुल 2023 करोड़ की राशि अदा करना है। इस रकम के ऐवज में अब तक सिर्फ 81 करोड़ 80 लाख रुपए किसानों ने अदा किए है। वसूली का प्रमाण सिर्फ 4 प्रतिशत ही है। योजना के लिए पात्र 3 लाख 55 हजार 782 किसानों में से 1 लाख 28 हजार 379 किसान इस योजना में शामिल हुए। लेकिन, इसमें सिर्फ 3 हजार 623 किसानों ने योजना का संपूर्ण लाभ लिया है। वहीं, बाकी किसानों ने सिर्फ कार्रवाई टालने के लिए मामूली रकम भरी है। 

    वसूल की गई राशि का 33 प्रतिशत ग्राम स्तर पर और 33 प्रतिशत जिला स्तर पर बुनियादी ढांचागत कार्यों के लिए उपयोग किया जा रहा है, भुगतान करने वाले किसानों को बिजली की समस्या से राहत मिल रही है। वसूली के लिए उपलब्ध कराई  गई कृषि आकस्मिकता निधि से अब तक 3633 कृषि विद्युत कनेक्शन दिये जा चुके हैं। नए सबस्टेशन और नए वितरण बूथ स्थापित करने के साथ-साथ उनकी क्षमता भी बढ़ाई जाएगी।