Know why in Aurangabad by the collector notice, the citizens are sleepless before Diwali

    औरंगाबाद : रविवार की देर शाम कलेक्टर (Collector) सुनील चव्हाण (Sunil Chavan) ने शहर के जिलाधिकारी (District Magistrate) कार्यालय के निकट स्थित विश्वासनगर (Vishwasnagar), लेबर कालोनी के 20 एकड़ भूमि पर सरकारी निवास स्थान खतरनाक और रहने के लायक न होने के कारण उन इमारतों पर 8 नवंबर से बुलडोजर चलाने की नोटिस जारी की।

    कलेक्टर के आदेश पर महानगरपालिका और सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा जारी की गई नोटिस के बाद सोमवार को जिले के सांसद इम्तियाज जलील और भाजपा शहराध्यक्ष संजय केणेकर विश्वास नगर/लेबर कालोनी पहुंचे। उन दोनों ने परिसर के नागरिकों से बातचीत करते हुए  प्रशासन की कार्रवाई को रोकने के लिए हर संभव मदद का  आश्वासन दिया।

    कलेक्टर सुनील चव्हाण के आदेश पर महानगरपालिका और पीडब्ल्यूडी ने जारी किए नोटिस में सरकार की संपत्ति अवैध रुप से बेचकर और सरकारी संपत्ति पर अवैैध रुप से अतिक्रमण करने वाले नागकिरों पर फौजदारी अपराध दर्ज करने की चेतावनी भी दी गई। दीपावली केे तीन दिन पूर्व प्रशासन द्वारा जारी की गई नोटिस से विश्वास नगर-लेबर कालोनी के नागरिकों में खलबली मची है।

    सांसद जलील और केणेकर के समक्ष  रो पड़े  नागरिक 

    प्रशासन द्वारा रविवार की शाम 8 नंवबर से विश्वास नगर/लेबर कालोनी  के सरकारी क्वार्टर पर बुलडोजर चलाने की जारी की गई नोटिस पर सांसद इम्तियाज जलील और भाजपा शहराध्यक्ष संजय केणेकर परिसर के  नागरिकों से मिलने सोमवार की दोपहर पहुंचे। तब नागरिकों ने प्रशासन की नोटिस का सख्त विरोध करते हुए  इस कार्रवाई पर रोक लगाने की गुहार सांसद जलील और  केणेकर से लगाई। कई महिलाएं रो पड़ी। उन महिलाओं को सांसद जलील और  केणेकर ने बेघर न करने के लिए हर तरह मदद का आश्वासन दिया।

    तिघाडी सरकार कर रही नागरिकों को बेघर  

    भाजपा शहराध्यक्ष केणेकर ने कहा कि केंद्र  सरकार हर नागरिक को घर देना चाहती है।  लेकिन, राज्य की तिघाडी सरकार लोगों को बेघर करने का काम कर रही है। राज्य की  तत्कालीन युति सरकार के काल में लेबर कालोनी के निवासियों को जब तक दूसरे स्थान पर घर नहीं दिए जाएंगे, तब तक उक्त मुहिम को स्थगित किया गया था। लेकिन, इस तिघाडी सरकार ने सबसे बड़े त्यौहार दीपावली से पूर्व सरकारी क्वार्टर पर बुलडोजर चलाने की नोटिस जारी कर सैकडों लोगों की निंद हराम की है। सांसद जलील ने भी प्रशासन के इस निर्णय का सख्त का विरोध करते हुए कहा कि यह लोग सालों से यहां रह रहे है।

    इन लोगों को  अन्य स्थान पर घर देकर उसके बाद बुलडोजर चलाने की कार्रवाई शुरु करने की मांग सांसद जलील ने प्रशासन से की है। भाजपा शहराध्यक्ष केणेकर ने कहा कि राज्य सरकार और स्थानीय आला अधिकारियों ने षडयंत्र रचकर 8 नवंबर से विश्वास नगर और  लेबर कालोनी में स्थित सरकारी क्वार्टर पर बुलडोजर चलाने का निर्णय लिया है। केणेकर ने प्रशासन को चेताते हुए कहा कि वे मुहिम  रोके, वरना  भाजपा राज्य सरकार और प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करेंगी। 

    सरकारी जमीन कब्जे में लेकर रहेंगे – कलेक्टर ने फिर दोहराया 

    उधर, सोमवार की देर शाम पत्रकारों से बातचीत करते हुए कलेक्टर सुनील चव्हाण ने  कहा कि विश्वास नगर और लेबर कालोनी की इमारतें करीब 68 साल पुरानी हो चुकी है। यह इमारते पुरी तरह जर्जर होने से वहां कभी भी अप्रिय घटना हो सकती है। विश्वास नगर और लेबर कालोनी में बने क्वार्टर सरकारी है। सरकारी जमीन पर निजी व्यक्ति कैसे रह सकता है? यह सवाल कलेक्टर चव्हाण ने करते हुए साफ कहा कि 8 नंबवर से विश्वास नगर और लेबर कालोनी में जर्जर हो चुके सरकारी क्वार्टर के इमारतों पर बुलडोजर चलाया जाएगा। पहले इन सरकारी क्वार्र्टर में रहनेवाले नागरिकों ने कई लोगों को क्वार्टर किराए पर दिए है। कुछ ने इन्हें बेचा है। सरकारी संपत्ति बेचने और किराए पर देने का अधिकार निजी लोगों को किसने दिया ? यह सवाल भी कलेक्टर चव्हाण ने करते हुए साफ कहा कि कार्रवाई होकर रहेंगी।