Spend unspent funds of various schemes : Dr. Jitendra Dehade

    औरंगाबाद :  औरंगाबाद (Aurangabad) के समाज कल्याण विभाग (Social Welfare Department)के निजी लाभ की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत अखर्चित निधि खर्च करने, पिछले वर्ष की निधि इस वर्ष इस्तेमाल करने की अनुमति देने, इस वर्ष अतिरिक्त डेढ़ करोड़ रुपए की निधि मिलने के बाद योजना का लाभ गरीबों को देने के लिए संशोधित आदेश जारी करने, ग्राम पंचायत कार्यालय से लाभार्थियों की सूची मंगवाकर जिला परिषद को वितरित करने के सीधे अधिकार देने की मांग प्रदेश कांग्रेस महासचिव डॉ. जितेन्द्र देहाडे ने राज्य के सामाजिक न्याय मंत्री डॉ. विश्वजीत कदम से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपकर की

    ज्ञापन में कांग्रेस नेता डॉ. देहाडे ने बताया कि राज्य सरकार के समाज कल्याण विभाग औरंगाबाद के पास 4 करोड़ 40 लाख रुपए का  निधि है।  वह खर्च करने के लिए लाभार्थियों के प्रस्ताव नहीं मिले है। निजी लाभ की योजनाओं अंतर्गत जिस के पास खेत कुंआ हैं, उन्हें इलेक्ट्रानिक मोटर पंप दिए जाते हैं। ऑइल इंजन पंप, पाइप लाइन के लिए पीवीसी पाईप, झेरॉक्स मशीन, आटे की चक्की, कम्प्यूटर, लैपटॉप, मिर्च/कपड़ा मशीन, वाहन चालकों प्रशिक्षित किया जाता हैं।  यहीं नहीं, दूध व्यवसाय के लिए गाय और भैंसे खरीदी के लिए आर्थिक सहायता, बकरी पालन आदि योजनाएं शामिल हैं।  2020-21 साल के लिएि कुछ योजनाएं शत-प्रतिशत लाभों की है।  कुछ योजनाओं में लाभार्थियों को 20 प्रतिशत हिस्सा खुद की जेब से डालकर लाभान्वित किया जाता है। 

    निजी लाभ योजना अंतर्गत लाभार्थियों को मंजूर सामग्री खरीदी के बाद उन्हें सामग्री, जीएसटी, बील और फोटो समेत प्रस्ताव जिला परिषद समाज कल्याण विभाग को पेश करना पड़ता है। डॉ. देहाडे ने ज्ञापन में बताया कि अधिकांश लाभार्थी गरीबी रेखा के निचे के होते है।  इसलिए उनके पास इतनी बड़ी राशि उपलब्ध नहीं हो पाती।  कई पात्र लोगों को योजना का लाभ नहीं मिल पाता।  समाज कल्याण विभाग की हर योजना के लिए स्वतंत्र निधि और अपेक्षित लाभार्थियों की संख्या निश्चित की गई है। इस योजना के अंतर्गत लाभ लेने के लिए गत वर्ष अपील करके भी अपेक्षित प्रतिसाद नहीं मिला।  इसलिए पिछले वर्ष का निधि इस साल इस्तेमाल करने की परमिशन दी गई है।  साथ ही इस साल अतिरिक्त डेढ़ करोड़ का निधि प्राप्त हुआ है। इसलिए इस योजना का लाभ गरीब घटकों को दिलाने सामाजिक न्याय मंत्री के नाते सुधारित आदेश निकालने की मांग प्रदेश कांग्रेस महासचिव डॉ. जितेन्द्र देहाडे ने डॉ.  विश्वजीत कदम से की।