गैस के बढ़ते दाम से घरेलू चूल्हे का हो रहा इस्तेमाल

    भंडारा. प्रधान मंत्री उज्ज्वला गैस योजना वास्तव में महिलाओं की विशेष देखभाल एवं सशक्तिकरण के लिए 1 मई 2016 को केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई थी. लाखों लाभार्थी, विशेषकर गरीबी रेखा से नीचे के लोग भी इस योजना से लाभान्वित हुए. लेकिन गैस की कीमतों में लगातार वृद्धि के साथ, महिलाओं ने अपना ध्यान फिर से चूल्हे की ओर लगाया है. क्योंकि वे गैस का उपयोग करने का जोखिम नहीं उठा सकती हैं.

    पिछले डेढ़ से दो वर्ष से राज्य में फैली कोरोना महामारी ने कई नौकरियां एवं व्यवसायों को ठप कर दिया है. महंगाई आसमान छू रही है. गैस के दाम 910 रुपये तक बढ गए है. जिसे जीवन के लिए जरूरी माना जाता है. आम वर्ग की महिलाए गैस के बढते दाम के चलते चूल्हे पर खाना बना रही है.

    उनका कहना है कि मुश्किल हो तो भी हम चूल्हे पर खाना पकाएंगे, लेकिन हमें गैस नहीं चाहिए. ईंधन की कीमतों में लगातार वृद्धि के साथ, गैस की कीमतें, खासकर भंडारा तहसील एवं ग्रामीण क्षेत्रों के अन्य तहसीलों में, 910 रुपये तक पहुंच गई हैं. साथ ही किराना के दामों में भी उछाल आया है. इससे गृहणियों का बजट बिगड़ गया है.