Railways gave the gift of additional three vehicles
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शेगांव: विदर्भ का प्रमुख रेल्वे स्टेशन माने जाने वाले शेगांव रेल्वे स्टेशन को कुछ वर्षपूर्व अ श्रेणी का दर्जा प्राप्त हुआ है. किन्तु यहां पर 3५ सुपरफास्ट रेलगाड़ियों का स्टापेज नहीं होने के कारण

शेगांव: विदर्भ का प्रमुख रेल्वे स्टेशन माने जाने वाले शेगांव रेल्वे स्टेशन को कुछ वर्षपूर्व अ श्रेणी का दर्जा प्राप्त हुआ है. किन्तु यहां पर 3५ सुपरफास्ट रेलगाड़ियों का स्टापेज नहीं होने के कारण श्रध्दालु समेत अन्य यात्रियों को असुविधा होती है.

संत गजानन महाराज की पदस्पर्श पुनित शेगांव को संतनगरी कहा जाता है. श्री के दर्शन के लिए हमेशा दूरदराज के श्रध्दालुओं का तांता लगा रहता है. शेगांव के समीप ही श्री क्षेत्र नागझरी तीर्थक्षेत्र है. इसके अलावा खामगांव शहर जैसे उद्योगनगरी होने से शेगांव रेलवे स्टेशन से आने जाने वाले यात्रियों की भीड़ लगी रहती है. जिससे रेल प्रशासन को अच्छी खासी आमदनी होती है.

यात्रियों के लिए सुविधाओं का अभाव
इस रेल स्टेशन को अ श्रेणी प्राप्त होने के बावजूद भी यात्रियों के लिए सुविधाओं का अभाव है. साथ ही इस स्थान पर नागपुर – इटारसी, प्रेरणा एक्सप्रेस, गरीब रथ, पुरी एक्सप्रेस, समरसता, दूरंतो, नांदेड सुपरफास्ट, हैद्राबाद एक्सप्रेस समेत 3५ रेल गाड़ियों को स्टॉपेज नहीं है. जिससे श्रध्दालुओं का समय बरबाद होता है. इन सुपरफास्ट गाड़ियों को स्टॉपेज देने की मांग यात्री संगठन के शेखर नागपाल ने रेल प्रशासन से की है. किन्तु इस ओर अनदेखी की गयी. अब सांसद प्रतापराव जाधव इस ओर ध्यान देकर यात्रियों की समस्या सुलझाएं ऐसी मांग की जा रही है.