आग में झुलसकर 11 माह के बच्चे की मौत, अहेरी तहसील के आवलमरी में हुआ दर्दनाक हादसा

    गड़चिरोली. शॉर्टसर्किट होने से किराणा दुकान समेत घर को लगी आग में घर समिपस्य 11 माह के बच्चे की झुलसकर मौत होने की घटना आज शनिवार 20 नवंबर को सुबह 8.30 बजे के दौरान अहेरी तहसील के आवलमरी में घटी. इस आग में संपूर्ण मकान जलकर खाक होने से रमेश राहूलवार का भी व्यापक नुकसान हुआ है. 

    प्राप्त जानकारी के अनुसार अहेरी तहसील के आवलमरी निवासी रमेश राहूलवार के घर से सटे ही स्वयं का किराणा दुकान है. इस दौरान आज शनिवार को सुबह के दौरान शॉर्ट सर्किट के कारण अचानक दुकान को आग लगी. कुछ समय में ही आग ने रौद्र स्वरूप धारण करते हुए घर को भी अपने आगोश में लिया.

    घटना की जानकारी प्राप्त होते ही ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौरे, और आग पर नियंत्रण पाने का प्रयास किया. कुछ देर बार आग नियंत्रण में भी आयी किंतू तबतक दुकान के संपूर्ण साहित्यों के साथ घर जलकर खाक हुआ. इस दौरान इस आग में रमेश राहूलवार इनके दुकान के पास पडोस में रहनेवाले व्यंकटेश गग्गूरी का 11 माह का शिशु इस आग में 90 प्रश झुलस गया था. उसे तत्काल अहेरी के उपजिला अस्पताल में उपचार हेतु दाखिल किया गया. किंतू उपचार के दौरान उसकी मृत्यू हो गई. 

    आग में घर की पूरी सामग्री जलकर खाक होने के साथ ही नवजात बच्चे की झुलसने से मृत्यू होने से आलमरी परिसर में शोक की लहर फैली है. समाचार लिखे जाते तक मृतक बच्चे का नाम पतां नहीं पाया है. 

    आग में पिता-पुत्री घायल 

    आग बुझाने के प्रयास में होनेवाले रमेश राहुलवार को दुकान में बच्चो खेलतेता हुआ दिखाई दिया. जिससे उन्होने उक्त बच्चे को बचाने का प्रयास किया. इस दौरान आग में उक्त बच्चा 90 प्रश झुलस गया. उसे बचाने के प्रयास में रमेश राहूलवार भी 30 प्रश झुलस गए. वहीं उनकी पुत्री सौम्या भी कुछ मात्रा में झुलस गई. दोनों पिता, पुत्री पर आवलमरी के स्वास्थ्य पथक में उपचार शुरू होने की जानकारी है. 

    लाखों का नुकसान 

    रमेश राहूलवार के दूकान के साथ घर के लगी इस आग में दुकान समेत घर जलकर खाक हो गया. जिसमें घर के जीवनावश्यक साहित्य के साथ दूकान के सामान का बडी मात्रा में समावेश है. इसमें रमेश राहूलवार का लाखों का नुकसान होने का प्राथमिक अनुमान व्यक्त हो रहा है. आग नियंत्रण में आते ही स्थानीय प्रशासन ने पंचनामे की प्रक्रिया चलायी. मृतक बच्चे के परिवार के साथ नुकसानग्रस्त को वित्तीय मदद देने की मांग हो रही है.