रापनि कर्मियों के हड़ताल का 14 वां दिन, मुंडन आंदोलन कर किया सरकार का निषेध

    गड़चिरोली. 28 अक्टूबर  से रापनि कर्मचारियों को सरकारी सेवा में शामिल करने की प्रमुख मांग को लेकर रापनि कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दिया है. लेकिन अब 14 दिनों की कालावधि पूर्ण होने के बावजूद भी सरकार द्वारा कर्मचारियों के हड़ताल संदर्भ में किसी भी तरह का निर्णय नहीं लिये जाने के कारण हड़ताल करनेवाले कर्मचारियों में तीव्र नाराजगी व्याप्त है.

    वहीं दुसरी ओर रापनि ने हड़ताल करनेवाले कर्मचारियों को निलंबित करने का सिलसिला शुरू कर दिया है. जिसके कारण रापनि कर्मचारियों में सरकार और राज्य परिवहन निगम के प्रति आक्रोश दिखाई दे रहा है. ऐसे में हड़ताल का 14 दिन शुरू होने पर भी सरकार द्वारा कोई निर्णय नहीं लिये जाने के कारण गड़चिरोली जिला मुख्यालय में आंदोलन कर रहे करीब 45 कर्मचारियों ने मुंडऩ कर राज्य सरकार का निषेध किया है. साथ ही हड़ताल जारी रखने की बात कही है. 

    सभी कर्मियों को निलंबित करें 

    हड़ताल करनेवाले कर्मचारियों ने बताया कि, रापनि कर्मचारी अपनी महत्वपूर्ण मांग को लेकर गत 14 दिनों से हड़ताल कर रहे है. ऐसे में विभाग ने कर्मचारियों के हित में निर्णय लेने के बजाय हड़ताल करनेवाले कर्मचारियों को निलंबित करने का सिलसिला शुरू कर दिया है.

    अब तक गड़चिरोली विभाग अंतर्गत आनेवाले गड़चिरोली, ब्रम्हपुरी और अहेरी डि़पो को कुल 48 कर्मचारियों को निलंबित किया गया है. जिससे आंदोलनकर्ताओं ने गड़चिरोली के विभागीय नियंत्रक को पत्र भिजवाकर सभी हड़ताल करनेवाले कर्मचारियों को निलंबित करें, ऐसी मांग करने की जानकारी कर्मचारियों ने दी. 

    जारी रहेगा हड़ताल 

    आंदोलनकर्ता कर्मचारियों ने कहां कि, पिछले अनेक वर्षो से रापनि कर्मचारी अल्प वेतन पर काम रहे है. इसमें कर्मचारियों के परिवार का गुजर-बसर होना भी मुश्किल हो गया है. जिसके कारण अब संपूर्ण राज्य में रापनि कर्मचारियों ने हड़ताल करना शुरू कर दिया है. अब 14 दिनों की कालावधि पूर्ण होने के बावजूद भी सरकार हड़ताल को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई दे रही है. उल्टा निजि वाहनों को किराए पर लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. जिससे रापनि कर्मचारियों का हड़ताल तीव्र रूप से जारी रहेगा. ऐसी चेतावनी भी हड़ताल करनेवाले कर्मचारियों ने दी है. 

    बसों के पहिये थमने से यात्रि त्रस्त 

    गड़चिरोली जिले में पुरी तरह रापनि की बसेस बंद पड़ी है. जिसके कारण जिले के यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. अब यात्रियों के साथ भी जिले छात्रों को भी बसे बंद होने के कारण त्रासदि का सामना करना पड़ रहा है. वहीं दुसरी ओर निजि वाहनधारकों द्वारा वाहनों का किराया बढ़ाने के कारण यात्रियों की वित्तीय लुट होने के साथ ही क्षमता से अधिक यात्रियों को बिठाए जाने के कारण यात्रियों को जानलेवा सफर करना पड़ रहा है. जिले में रापनि की बसेस बंद होने के कारण यात्रि वर्ग पुरी तरह त्रस्त हो गये है.