2 वर्ष बाद ‘कोरोनामुक्त’ गुढीपाडवा, जिलेभर में हिंदू नववर्ष का उत्साह में स्वागत

    गड़चिरोली. कोरोना महामारी संकट के कारण बिते 2 वर्ष अनेक धार्मिक कार्यक्रम, त्यौहार, उत्सव सादगी से मनाना पडा था. किंतू इस वर्ष कोरोना की स्थिती नियंत्रण में आयी है. राज्य सरकार के निर्देश के तहत कोरोना पाबंदीयां हटाई गई है. जिससे 2 वर्ष बाद जिलेभर के नागरिकों ने ‘कोरोनामुक्त’ गुढीपाडवा मनाकर हिंदू नववर्ष का उत्साह में स्वागत किया. 

    गुढीपाडवा यानी हिंदू नववर्षारंभ है. हिंदू मान्यताओं के तहत साढ़ेतीन शुभमुहूर्त में से यह एक शुभ मुहूर्त होता है. इस हिंदू नववर्ष स्वागत शनिवार को जिले में उत्साह में किया गया. ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्र में लकड़ी को वस्त्र लगाकर, फुलों की माला पहनाकर, शक्कर की गाढी बांधकर घर पर उंची गुढी लगाने की परंपरा है. जिससे जिले में इस परंपरा का निर्वहन करते हुए गुढी लगाकर विधिवत पुजा की गई. और एक दुसरे को नववर्ष की शुभकामनाएं दी गई. खासकर महिला व युवकों में नववर्ष का खासा उत्साह नजर आया.

    परंपरागत पोशाख पहनकर नववर्ष का स्वागत किया गया. कोरोना महामारी शुरू होने से बिते 2 वर्षो से सरकार की पाबंदीयों के कारण त्यौहार, उत्सव, पर्व सादगी से मनाए गए थे. किंतू गुढीपाडवा के मद्देनजर राज्य सरकार ने कोरोना की पाबंदीया हटाने का निर्णय लेने से जिले में उत्साह का वातावरण था. शहर समेत ग्रामीण क्षेत्र में नववर्ष के उपलक्ष्य में शोभायात्रत्रा निकाली गई. 

    अनेक लोगो ने की मंदिर में पुजाअर्चना 

    आज का दिन नवचैतन्य, नवनिर्माण के लिए महत्वतपूर्ण माना जाता है. जिले के नागरिकों ने गुढी तैयार कर पुजाअर्चना की गई. अनेक लोग सुबह के दौरान सिधे मंदिरों में पहुंचकर विधिवत पुजाअर्चना की. शहर से समिप होनेवाले सेमाना देवस्थान में सुबह के दौरान श्रद्धालुओं की भीड नजर आयी. 

    सराफा बाजार में दिखी रौनक

    हिंदू मान्यताओं में शुभ माने गए साड़ेतीन मुहूर्त में एक मुहूर्त गुढीपाडवा का होता है. ऐसे में लोग स्वर्ण, वाहन, इलेक्ट्रीक साहित्य आदि खरीदी को महत्व देते है. जिससे आज शनिवार को सराफा बाजार में नागरिकों की भीड नजर आयी. जिससे कोरोना महामारी के 2 वर्ष बाद आज सराफा मार्केट फुला नजर आया. सोने के आभूषण खरीदने के लिए ग्राहकों की भीड दिखाई दे रही थी. वहीं शोरूम में चौपहिया, दोपहिया आदि वाहनों की खरीदी भी हुई. साथ ही इलेक्ट्रीक दूकान तथा बाजारों में रौनक नजर आयी.