sand smuggling
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    गोंदिया. महालगांव-मुरदाड़ा स्थित रेती घाट पर पुलिस ने 4 मई को अवैध उत्खनन करते हुए पोकलेन मशीन पकड़ी थी. इस वाहन पर कार्रवाई का प्रस्ताव तहसीलदार के माध्यम से उपविभागीय अधिकारी को भेजा गया था. इस प्रकरण में उपविभागीय अधिकारी पर्वणी पाटिल ने वाहन मालिक व अन्य एक के खिलाफ कार्रवाई कर 7.50 लाख रु. दंड के आदेश पारित किए है.

    यह आदेश एक महीने बाद पारित किया गया है. विशेष बात यह है कि उपविभागीय अधिकारी की कार्रवाई आदेश से रेती तस्करों में हड़कंप मच गया है. जिले में रेती तस्करों का बोलबाला बढ़ गया है. जिसकी सर्वत्र चर्चा हो  रही है. इसी में महालगांव में हुए दुर्घटना प्रकरण को लेकर रेती तस्करी और यंत्रणा की मिलीभगत होने की भी चर्चा है. इस आरोप से बचने के लिए जिला पुलिस ने नाकाबंदी के माध्यम से कार्रवाई का सिलसिला शुरू किया है. वहीं दुसरी ओर राजस्व विभाग के अधिकारियों ने भी दंडात्मक कार्रवाई के लिए प्रस्तावित प्रकरणों को पूर्ण रूप देने का काम हाथ में लिया है.

    जिससे जिले के रेती तस्करों में हड़कंप मच गया है. महालगांव मुरदाड़ा स्थित रेती घाट पर बड़े पैमाने पर मशीनरी के माध्यम से रेती के उत्खनन होने की घटना का जिला अपराध शाखा के दल ने मई महीने में खुलासा किया था. पुलिस निरीक्षक बबन आव्हाड़ के दल ने 4 मई को मुरदाडा स्थित रेती घाट पर पोकलेन मशीन क्र. 2001-13308 को नहीं देने से रेती उत्खनन करते पकड़ा था. इस प्रकरण को राजस्व विभाग को सौंप दिया गया था. लेकिन रेती घाट पर पकड़ी गई पोकलेन मशीन राजस्व विभाग के पटवारी व मंडल अधिकारी ने बिगाड़ होने की बात कहकर एक ठेकेदार के सुपूर्दनामे पर छोड़ दी थी.

    इसी तरह यह प्रकरण तहसील प्रशासन को प्रस्तावित किया गया. इसमें तहसील प्रशासन से और ना पुलिस विभाग ने कार्रवाई की थी.  इसी दौरान एक रेती यातायात करने वाले टिप्पर व ट्रैक्टर के बीच भिड़ंत हो गई. जिसमें 2 लोगों की मृत्यु हो गई. जबकि 4 लोग घायल हो गए थे. इस प्रकरण को लेकर पुलिस व राजस्व प्रशासन के खिलाफ असंतोष व्यक्त किया गया. इसमें अधिकारी वर्ग रेती तस्करी को संरक्षण देने का आरोप लगाया गया.

    जिससे अलर्ट हुए राजस्व प्रशासन ने प्रलंबित प्रकरणों का निवारण करने का काम हाथ में लिया है. गोंदिया की उपविभागीय अधिकारी पाटिल ने मशीन मालिक तिरोड़ा निवासी सौरभसिंह चव्हान व एक अन्य के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए है. उक्त वाहन पर 7 लाख 50 हजार रु. का दंड ठोका गया है.