ई – फसल पंजीयन बंद करने की मांग

    आमगांव. सरकार ने खरीफ फसल का सात – बारा व खसरा भरने की जिम्मेदारी पटवारी के बजाए  किसानों पर थौपी  है. जिससे अब किसानों को अपने खेत में जाकर मोबाइल फोन से आनलाइन खसरा भरना पड़ रहा है.  इसमें अनेक किसानों को  दिक्कतों का सामना करना पड रहा है. जिन किसानों के के पास एंड्राईड मोबाइल है तथा खेती में नेटवर्क मिलता है.  ऐसे कुछ किसानों ने एप के माध्यम से मोबाइल पर ई – फसल पंजीयन किया है.  

     जिला कांग्रेस कमेटी  सचिव इसुलाल भालेकर के अनुसार अनेकों किसान है कि जिनके पास  एंड्राईड मोबाइल फोन नहीं है अगर है  भी तो उन्हें  किसान एप में जानकारी दर्ज करना नही आता. 

    ई – फसल पंजीयन में पुरा दिन लग जाता है. मोबाइल का नेटवर्क नहीं मिलने से बार बार  जानकारी भरने के बाद भी  परिणाम जीरो ही निकलता है.  

    किसानों की हो रही लूट

    ग्रामीण ईलाके में रहने वाले अनेक किसानों के पास स्मार्ट मोबाइल नहीं होने से वे यहां वहां जाकर फसल पंजीयन की गुहार लगा रहे हैं.  जिनके पास  3/4 जी वाला  मोबाइल फोन है उन्होंने ई – फसल पंजीयन करने का व्यवसाय बना दिया है.  किसानों को  सब तरफ से लूटा जा रहा है.  किसानों की लूट रोकने  व परेशानी से बचने  के लिए  ई  – फसल पंजीयन बंद कर पहले की तरह ही पटवारियों से जमीन का खसरा भराने की मांग  मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री,  जिले के विधायकों से की गई है.