ग्राहकों से बाजार हुआ गुलजार

    गोंदिया. शहर का बाजार ग्राहकों से गुलजार हो गया है जिससे हर ओर नागरिकों की भीड दिखाई दे रही है. दीपावली का पर्व जैसे-जैसे नजदीक आ रहा वैसे-वैसे बाजारों में नागरिकों की भीड़ उमड़ती हुई देखी जा रही है. इस बार मिट्टी के दीयों के साथ फैंसी दीयों ने भी दूकानों में रौनक बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है.

    लक्ष्मीपूजन में दीयों का प्रमुख स्थान रहता है. दीपावली का अर्थ है दीपों की पंक्ति, इसलिए दीपावली पर्व पर दीयों की रोशनी से जहां दूकानों में पूजा होती है तथा प्रतिष्ठानों पर कुबेर, लक्ष्मी, विष्णु, गणेश आदि अन्य देवी देवताओं की स्थापना कर पूजन किया जाता है. वहीं घरों में भी जगह-जगह पर दीयों से रोशनी कर धनतेरस से दीपावली पर्व का शुभारंभ हो जाता है. बाजारों में इस समय रंग-बिरंगी फैंसी दीयों की भरमार देखी जा रही है.

    बाजारों में बढ़ती जा रही लोगों की भीड़

    28 अक्टूबर को आहोई का आगमन हो गया है. यहीं से दीपावली पर्व का आगाज हो जाएगा. इसे छोटी दीपावली के रूप में मनाया जाता है. 8 दिन पहले ही दीपावली पर्व की शुरूआत बाजार में देखी जा रही है. रविवार के बाद बाजार में दीपावली की रौनक देखने को मिल रही है. बाजार में अब खरीदी करने लोगों की भीड़ देखी जा रही है.

    नवंबर को धनतेरस का आगमन हो रहा है. धनतेरस को लेकर पंचमी तक दीपावली पर्व की रौनक जोरों पर रहेगी. 4 नवंबर को दीपावली पर्व है, लेकिन इस पर्व के पहले ही दीपावली की। तैयारियां करते हुए लोग दिखाई दे रहे हैं. दीपावली पर्व के पहले ही बाजार गुलजार होने लगे है.

    मिट्टी के दीयों की बढ़ती जा रही है मांग

    भले ही विविध तरह के फैंसी दीये बाजार की रौनक बढ़ा रहे हैं, लेकिन अभी मिट्टी के दीयों का महत्व कम नहीं हुआ है. नागरिक मिट्टी के दीयों की मांग कर रहे हैं. मिट्टी के दीये 20 रुपए दर्जन से लेकर 50 रुपए दर्जन तक मिल रहे हैं. इस प्रकार बड़े आकार के दीये 50 से लेकर 300 रुपए तक बेचे जा रहे हैं. इसमें पंचमुखी से लेकर 15 मुखी तक दीयों की अलग-अलग डिजाइने देखी जा रही है. अलग-अलग प्रकार के मिट्टी के रंग बिरंग दिये पूजा में प्रज्वलित किए जाने वाले है. इस प्रकार पताका तथा दरवाजे पर बांधने वाले लैंप भी 200 रुपए से ज्यादा दाम के बताए जा रहे हैं.

    लक्ष्मी की फोटो, यंत्र के चित्र की खरीदी

    पूजा सामग्री की दूकानों तथा बाजारों के चौराहों पर अस्थायी दूकानों पर लक्ष्मी फोटो, यंत्र के चित्र, माता लक्ष्मी के साथ गणेश, विष्णु तथा अन्य देवी, देवता, सरस्वती माता के चित्र, फैंसी दीये, रोशनी वाले लैंप, लक्ष्मी माता की रंग बिरंग मोतियों से बनी हुई फूल मालाएं, रंग-बिरंगे तोरण, दरवाजे पर लगाने वाले कई प्रकार के पंचमुखी, 10 मुखी दीपक, तुलसी के रूप में बनाए गए आकर्षक कुंड नारियल के आकार में बनाए गए.

    दीपक, कैंडल के रुपी रंग बिरंगी दीये, 15 मुखी दीपक, तोरण के साथ बनाए गए कांच के दीपक, हाथी पर बनाए गए पंचमुखी दीये, कमल फूल पर बनाया गया पंचमुखी दिया, माता लक्ष्मी के चित्र के साथ बनाए गए रंग बिरंग दीये, मोम के साथ बनाए रंग बिरंगी दिये आदि आकर्षण का केंद्र बने हुए है.