Surya Dam

    मुंबई: एमएमआर में मेट्रो, मोनो, फ्लाईओवर आदि संसाधनों का निर्माण करने वाली एमएमआरडीए (MMRDA) की पहली जलापूर्ति योजना ( First Water Supply Scheme) का काम फ़ास्ट ट्रैक पर है। वसई-विरार से लेकर मीरा-भायंदर शहर और पालघर के कई गांव में पेयजल आपूर्ति (Drinking Water Supply) के लिए बनी इस बहुउद्देशीय योजना के लिए एमएमआरडीए लगभग 1,350 करोड़ रुपए खर्च कर रहा है। एमएमआरडीए के अनुसार, प्रोजेक्ट का पहला चरण लगभग 83 प्रतिशत पूरा हो गया है।

    अधिकारियों के अनुसार, सूर्या जलापूर्ति योजना के पूरी होने के बाद मीरा-भायंदर को 218 एमएलडी, वसई-विरार और पालघर को 185 एमएलडी पानी मिलेगा। पालघर जिले के जव्हार तालुके के धामनी गांव स्थित सूर्या बांध से पानी उठाया जाएगा। इस परियोजना के अधिकांश हिस्सों के बीच गुरुत्वाकर्षण संचरण के माध्यम अत्याधुनिक तकनीक अपना कर काम हो रहा है। शुद्धिकरण प्रक्रिया मशीन और पाइपलाइन का 75 प्रतिशत काम पूरा हो गया है।

    ग्रेविटी ट्रांसमिशन

    ग्रेविटी ट्रांसमिशन पर आधारित इस प्रोजेक्ट का काम लार्सन एंड टुब्रो द्वारा किया जा रहा है। सूर्या नगर में ही वाटर ट्रिटमेंट प्लांट बन रहा है, इसके अलावा टनल के माध्यम से वसई और कामन खाड़ी के अंदर से पानी लाया जाएगा। कूल  98 किमी तक पाइपलाइन बिछाने का कार्य हो रहा है।

    इस साल होगी शुरुआत

    बताया गया है कि इस साल के अंत तक जलापूर्ति योजना के पहले चरण की शुरुआत होगी। वैसे पूरे प्रोजेक्ट को अप्रैल-2023 में पूरा करने का लक्ष्य है। एमएमआरडीए पानी उठा कर शहरों तक पहुंचाएगा, जबकि शहर के अंदर वितरण की जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।