Increased crowd in local train, view as before lockdown

    मुंबई : कोरोना (Corona) की दूसरी लहर (Second Wave) थमने के बाद मुंबई (Mumbai) में पहले की तरह ही आवागमन शुरू हो गई है। मुंबई की लाइफलाइन (Mumbai Lifeline) कही जाने वाली लोकल ट्रेनों (Local Trains) में पहले की तरह भीड़ (Crowd) शुरू हो गई है। हालांकि सभी के लिए कुछ शर्तों के साथ लोकल का संचालन हो रहा है। गणपति के बाद नवरात्रि पर्व में लोगों की आवाजाही बढ़ी है। उद्योग धंधे खुल जाने से लोकल ट्रेनों में आम यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। मुंबई लोकल में अब तक लगभग 19.32 लाख से ज्यादा पास दो माह में जारी किए जा चुके हैं। मध्य रेल पर 13.60 लाख और पश्चिम रेलवे पर 5.72 लाख से ज्यादा एमएसटी जारी किए गए हैं। इस तरह रोजाना 32 हजार से ज्यादा लोकल पास जारी किए जा रहे हैं। 

    लंबी दूरी की ट्रेनों में भी यात्रियों की संख्या बढ़ने से स्टेशनों पर भारी भीड़ हो रही है। गैर यात्री भीड़ नियंत्रित करने प्लेटफार्म टिकट की कीमत बढ़ा दी गई है। वैसे मुंबई में अभी भी लाखों लोगों को वैक्सीन का दोनों डोज नहीं मिल पाई है। दोनों डोज लेने के 14 दिन बाद ही लोकल यात्रा का पास जारी किया जा रहा है। अभी भी मध्य और पश्चिम रेलवे के उपनगरीय स्टेशनों पर लोकल पास के लिए हेल्प डेस्क शुरू हैं।

    बिना टिकट बढ़े हैं यात्री

    वैक्सीन की दोनों डोज न लेने वाले लोग मज़बूरी में बिना टिकट लोकल यात्रा कर रहे हैं। बिना टिकट यात्रियों के खिलाफ मध्य और पश्चिम रेलवे पर कार्रवाई भी की जा रही है। इस बीच राज्य सरकार से पाबंदियों में और ढील देने और लोकल में सभी को यात्रा की अनुमति देने की मांग हो रही है। यात्री संगठनों का कहना है कि अब जब स्कूल, मंदिर आदि खुल गए हैं तो लोकल ट्रेनों में भी बिना शर्त यात्रा की परमिशन दी जानी चाहिए।

    50 लाख से ज्यादा यात्री

    अक्टूबर माह में लोकल में सवेरे-शाम भारी भीड़ हो रही है। मध्य रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इस समय 28 से 30 लाख लोग लोकल से यात्रा कर रहें हैं, जबकि पश्चिमी उपनगरीय लोकल से 18 से 20  लाख लोग रोजाना यात्रा करने लगे हैं। मध्य और पश्चिम उपनगरीय नेटवर्क पर 95 प्रतिशत लोकल का संचालन हो रहा है। मध्य रेलवे नेटवर्क पर 1686 फेरियां, जबकि पश्चिम रेलवे पर 1300 फेरियां लग रहीं हैं। भीड़ बढ़ने के साथ शत-प्रतिशत लोकल के संचालन की मांग हो रही है।