Isolation compulsory for passengers going from India to Italy
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  • कोरोना की नई दहशत से सतर्क हुआ प्रशासन

नागपुर. यूरोपीय देशों में कोविड-19 के नये घातक वर्जन ‘स्टेन’ की भयावहता उजागर होने के बाद जहां राज्यों की ओर से नये दिशानिर्देश जारी किए गए हैं, वहीं सिटी में कोरोना से जुड़े हर मामले की जिम्मेदारी संभालने वाले मनपा प्रशासन ने भी सतर्कता बरतनी शुरू की है. इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बुधवार को मनपा आयुक्त राधाकृष्णन बी. की ओर से आदेश जारी किया गया है कि गत 15 दिनों में यूरोप, साउथ अफ्रीका और मध्य-पूर्व देशों से सीधे या घूमकर पहुंचे लोग अब मनपा के कंट्रोल रूम से सम्पर्क करें.

अब सीधे भेजा जाएगा कोविड केयर सेंटर

उल्लेखनीय है कि कोरोना के नये वर्जन से निपटने के उद्देश्य से मनपा की ओर से विदेशों से आनेवाले यात्रियों के लिए शहर की 9 होटलों को कोविड केयर सेंटर के रूप में संस्थात्मक क्वारंटाइन सेंटर निर्धारित किया गया है. मनपा आयुक्त जारी निर्देशों के अनुसार उक्त देशों से आनेवाले यात्रियों का एयरपोर्ट पर आरटी-पीसीआर टेस्ट नहीं होगा, बल्कि उन्हें एयरपोर्ट से सीधे कोविड केयर सेंटर (क्वारंटाइन सेंटर) भेजा जाएगा. क्वारंटाइन सेंटर में भेजे जाने के बाद 5 से 7 दिनों में आरटी-पीसीआर टेस्ट होगा, जिसका खर्च यात्रियों को ही उठाना होगा. यदि टेस्ट निगेटिव पाया जाता है तो 7 दिन पूरे होने पर यात्री को इंस्टीट्यूशनल क्वारंटाइन से छोड़ दिया जाएगा, किंतु 7 दिनों तक उसे होम क्वारंटाइन रहना होगा. यदि टेस्ट पॉजिटिव आता है और यात्री में किसी तरह के लक्षण नहीं हैं, तो उसे उसी होटल या केविड अस्पताल में 14 दिनों के लिए रहना होगा. 

एयरपोर्ट पर मिले 5 पॉजिटिव

दिन-ब-दिन कोरोना के नये वर्जन की दहशत भले ही पैर पसार रही हो, किंतु हवाई यात्रियों में इसका कोई भी असर दिखाई नहीं दे रहा है. कुछ दिनों पहले राज्य सरकार की ओर से गोवा, अहमदाबाद, दिल्ली और राजस्थान से महाराष्ट्र के किसी भी हिस्से में आनेवाली उड़ानों के यात्रियों को कोरोना टेस्ट प्रमाणपत्र की अनिवार्यता लागू की गई थी. हालांकि यह निर्देश ठंड में कोरोना का दूसरा चरण शुरू होने की आशंका के चलते दिए गए थे.

अब कोरोना के नये वर्जन का चरण देखा जा रहा है. लेकिन न तो एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से कोई कड़ाई बरती जा रही है और न ही यात्रियों द्वारा नियमों का पालन किया जा रहा है. इसका जीता जागता उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब नागपुर एयरपोर्ट पर पहुंचे 738 हवाई यात्रियों में से 73 के पास कोरोना टेस्ट का प्रमाणपत्र ही नहीं था, जिसका हश्र यह हुआ कि नागपुर एयरपोर्ट पर टेस्ट कराने के बाद इनमें से 5 यात्री पॉजिटिव पाए गए हैं. एयरपोर्ट पर अहमदाबाद से 2, गोवा से 1, दिल्ली से 4 उड़ानें पहुंची थीं.