Paddy procurement period of Rabi season extended till 31 July, Praful Patel's efforts successful

    नागपुर. नव निर्वाचित राज्यसभा सदस्य प्रफुल पटेल ने कहा कि इस चुनाव में भाजपा की जीत का मतलब कोई बहुत बड़ा प्रलय नहीं आ गया है. हमारे सभी साथी हमें छोड़ गए ऐसी स्थिति नहीं है लेकिन इसका विश्लेषण कर हम कारण जानने का निश्चित ही प्रयास करेंगे. वे एयरपोर्ट पर पत्रकारों से चर्चा के दौरान बोल रहे थे. चुनाव जीतकर आने के बाद एयरपोर्ट पर राकां नेताओं व कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया.

    इस दौरान शहर अध्यक्ष दूनेश्वर पेठे, प्रशांत पवार सहित अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे. क्रॉस वोटिंग के संदर्भ में सवाल के जवाब में पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने दावा किया कि मविआ में शामिल राकां, कांग्रेस व शिवसेना के किसी भी विधायक ने महाराष्ट्र की 6 राज्यसभा सीट के लिए हुए चुनाव में क्रॉस वोटिंग नहीं किया.

    इस चुनाव में शिवसेना के दूसरे उम्मीदवार को भाजपा प्रत्याशी से पराजय का सामना करना पड़ा है. फिलहाल यह जरूर कह सकते हैं कि मविआ 4-5 निर्दलीय विधायकों का समर्थन हासिल नहीं कर पाया. उन्होंने दावा किया कि इस दिलचस्प चुनाव में तीनों पार्टी के विधायकों ने पार्टी लाइन के हिसाब से मतदान किया. क्रॉस  वोटिंग नहीं हुई.

    देशमुख, मलिक नहीं दे सके वोट

    पटेल ने कहा कि हमारे दो नेता जेल में है. हाई कोर्ट से उन्हें वोटिंग के लिए जमानत नहीं मिल पायी. ये दो वोट कम हुए. शिवसेना के एक विधायक का वोट अमान्य हो गया. कुछ निर्दलीय वोट भाजपा के साथ गए. ये कुछ कारक हैं कि छठवें सीट के लिए शिवसेना के उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा. हमें 4-5 निर्दलीय विधायकों से उम्मीद थी लेकिन वे वोट नहीं मिले लेकिन महाविकास आघाड़ी को यह कोई बड़ा फटका नहीं है.

    उन्होंने कहा कि मुझे खुद 51 वोट मिले जबकि हमने 42 का कोटा तय किया था. मुझे 42 वोट मिलने के बाद शेष राकां के वरिष्ठ मंत्रियों के 9 वोट संजय पवार को दिये. उन्होंने कहा कि मुझे नहीं मालूम कि अतिरिक्त वोट किसके मिले. मुझे चाहने वाला कौन है यह नहीं मालूम, ऐसे अनेक मेरे साथी हैं. अगर मैं उनसे संपर्क करता तो 4-5 वोट तो सिर्फ प्रेम के खातिर अधिक मिल जाते. 

    …तो कार्रवाई हो सकती

    कांग्रेस को 44 वोट मिले यह खोज का विषय का विषय है, मुझे नहीं मालूम की कांग्रेस ने पार्टी अंतर्गत कितना कोटा तय किया था. मविआ में वरिष्ठ नेताओं ने एकजुट होकर 42 वोट का कोटा तय किया था. राकां की ओर से मैं बोल सकता हूं, कांग्रेस के संदर्भ में नहीं. उन्होंने कहा कि इस चुनाव में गुप्त मतदान होता है. राज्यसभा चुनाव में किसी ने गड़बड़ की तो कार्रवाई हो सकती है. एक-दो दिनों में चर्चा की जाएगी. मविआ के कार्यों को लेकर कुछ विधायकों में नाराजी है, इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि तीन पार्टी की सरकार है. छोटे दल व निर्दलीय भी हैं, इसलिए कुछ समय तो लगता ही है.