Highly professional allegation of alleged religious conversion

    नाशिक. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में कथित धर्म परिवर्तन (Religion Conversion) के मामले में गिरफ्तार (Arrested) नाशिक (Nashik) का कुणाल उर्फ आतिफ उच्च शिक्षित है और यह बात सामने आ रही है कि उसने रूस जाकर अपनी चिकित्सा शिक्षा पूरी की और उसने एम. डी मेडिसीन की पढ़ाई की है। उत्तर प्रदेश में कथित धर्म परिवर्तन मामले में आतंकवाद निरोधी दस्ते ने नाशिक रोड के आनंदनगर इलाके के कुणाल उर्फ आतिफ चौधरी नाम के युवक को हथकड़ी लगा दी है। आतिफ नाशिक में कुणाल के नाम से रहता था। 

    उत्तर भारत में कथित धर्म परिवर्तन का मामला गंभीर होता जा रहा है। कथित तौर पर उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में लगभग 1000 लोगों का धर्म परिवर्तन किया गया है।  इस मामले में हिरासत में कुणाल उर्फ आतिफ उच्च शिक्षित है, एैसा खुलासा सामने आया है।  उसने रशिया से एम. डी. मेडिसिन में पढ़ाई की है और वह एक डॉक्टर है।  उसके पिता फौज में थे। वह 1998 में देवलाली कैंप से सेवानिवृत्त हुए थे। इससे पहले वह हरियाणा के अंबाला में थे। कुणाल ने अपनी प्राथमिक शिक्षा वहीं प्राप्त की।  इसके बाद उसने देवलाली के इंग्लिश कॉन्वेंट स्कूल से 10वीं पास की। उसने नाशिक के कॉलेज रोड इलाके के एक कॉलेज से 12वीं की पढ़ाई पूरी की थी। 

    परिवार को भी लगा झटका 

    अगले छह वर्षों के लिए, 2006 से 2012 तक, वह उच्च शिक्षा के लिए रूस में रह रहा था। वहां उसने सेंट पीटर्सबर्ग में डॉक्टरेट में एम. डी.  की डिग्री प्राप्त कि।  उसने चिकित्सा में अपनी शिक्षा पूरी की, लेकिन एमएफजीई परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की। इसलिए उसे डॉक्टरी की प्रॅक्टिस करने का लाईसेंस नहीं मिल सका।  वह इस समय परीक्षा की तैयारी कर रहा था। अब उसकी गिरफ्तारी से उनके परिवार को भी झटका लगा है।  माता-पिता को विश्वास नहीं हो रहा है कि उनका बेटा ऐसा कर सकता है। 

    बैंक खाते में 20 करोड़ कहां से आए?

    कुणाल उर्फ आतिफ के खाते में 20 करोड़ रुपए जमा होने की खबर से हड़कंप मच गया है।  आरोप है कि धर्मांतरण के लिए यह धन उसे मुहैया कराया गया है। कुणाल के खाते में कुवैत समेत दुनिया भर के अन्य देशों से पैसा जमा हुए हैं। अब यह फंड किसी के खाते से भेजा गया है। ये लोग कौन हैं, इसका पता लगाने के लिए इनकी सूची तैयार की जाएगी। साथ ही, धन का उपयोग केवल रूपांतरण और कुछ अन्य गतिविधियों के लिए किया जाना था।  सूत्रों ने बताया कि आतंकवाद निरोधी दस्ते ने भी जांच शुरू कर दी है। 

    अब तक 12 लोगों को किया गया गिरफतार 

    उत्तर प्रदेश के आतंकवाद निरोधी दस्ते ने देश के विभिन्न हिस्सों से करीब 12 लोगों को गिरफ्तार किया है।  उनमें से कई लोग अलग-अलग ट्रस्ट चलाते थे।  इस ट्रस्ट के लिए दुनिया भर से फंडिंग आ रही थी।  कथित तौर पर धन का उपयोग धर्मांतरण के लिए किया गया था।  जैसे उनमें से एक ने नाशिक में अपना नाम बदल लिया था, वैसे ही कई अन्य अपनी पहचान छुपा रहे हैं।