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पिंपरी: पुणे शहर और ग्रामीण पुलिस सीमा को विभाजित करके शुरू किया गये पिंपरी-चिंचवड पुलिस आयुक्तालय (Pimpri-Chinchwad Police Commissionerate) के लिए कुछ पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका (Pimpri-Chinchwad Municipal Corporation) के भवनों को किराया पट्टे पर दिया गया है। इन भवनों के किराए के लिए पुलिस कमिश्नरेट (Police Commissionerate) को महानगरपालिका को साढ़े पांच करोड़ रुपए देने हैं। यह जानकारी भी सामने आई है कि पुलिस प्रशासन द्वारा वर्षों से किराया (Rent) नहीं देने के कारण बकाया किराए का आंकड़ा इतना अधिक है।

स्वतंत्र पिंपरी-चिंचवड पुलिस आयुक्तालय का कामकाज 15 अगस्त 2018 से शुरू हुआ है। चिंचवड के प्रेमलोक पार्क स्थित महात्मा फुले स्कूल भवन को पुलिस कमिश्नरेट को दे दिया गया। पुलिस कमिश्नरेट ने 1 जनवरी, 2019 से प्रेमलोक पार्क में नए भवन से काम करना शुरू कर दिया है। इससे पहले कुछ दिनों तक चिंचवड ऑटो क्लस्टर से पुलिस आयुक्तालय का कामकाज चलता रहा। स्वतंत्र पुलिस आयुक्तालय के चालू होने के बाद पुलिस कमिश्नर ने विभिन्न दफ्तरों के लिए महानगरपालिका भवनों को पट्टे पर देने की मांग की। तदनुसार, चिंचवड स्टेशन पर प्रीमियर प्लाजा में दो मंजिला इमारत पुलिस उपायुक्त सर्कल तीन के कार्यालय के लिए दी गई है।

इन इलाकों में दिया गया हैं भवन

इसके साथ ही सांगवी में सब्जी मंडी के लिए विकसित दुकानें सांगवी थाने के भवन के लिए दिया गया। पिंपरी में मेघाजी लोखंडे कामगार भवन, मोहननगर में बहुउद्देशीय भवन, पिंपले गुरव उद्यान के क्वार्टर, दिघी, वड़मुखवाड़ी में भी पुलिस यातायात विभाग, क्राइम यूनिट ब्रांच के विभिन्न विभागों को लीज पर दिए गए। पुलिस मुख्यालय के लिए निगडी में अंकुश बोरहाडे स्कूल भवन के साथ-साथ खुला मैदान भी किराए पर दिया गया है। 

5 करोड़ 62 लाख रुपए का भुगतान करना है

थेरगांव पुलिस स्टेशन के लिए महिला विकास केंद्र भवन, क्राइम ब्रांच यूनिट दो के लिए यमुनानगर में अहिल्यादेवी होल्कर जिम्नेजियम जैसे विभिन्न भवन उपलब्ध कराए गए हैं। 15 अगस्त 2018 से अब तक इन भवनों के किराये के रूप में मनपा को 5 करोड़ 62 लाख रुपए का भुगतान करना है। पुलिस प्रशासन से महानगरपालिका को इस बकाया के भुगतान का इंतजार है।

बकाया किराए को लेकर पुलिस विभाग से संपर्क किया गया है। अतिक्रमण की कार्रवाई के लिए महानगरपालिका से पुलिस सुरक्षा ली जाती है। इसके लिए पुलिस को भुगतान किया जाता है। पुलिस से पूछा गया है कि क्या वे इससे बकाया राशि वसूल किया जाए। जल्द ही सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा और बकाया राशि का भुगतान कर दिया जाएगा।

-प्रशांत जोशी, सहायक आयुक्त, भूमि एवं जीवन विभाग, पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका