225 tap connection cut in Bhiwandi, the outcry for water

    भिवंडी. भिवंडी ग्रामीण क्षेत्र (Bhiwandi Rural Area) स्थित कांबे गांव में ग्रामवासियों के लिए जलापूर्ति सुनिश्चित किए जाने को लेकर हाईकोर्ट (High Court) का अधिकारियों की फटकार का असर अब धरातल पर दिखाई पड़ने लगा है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद 24 घंटे जलापूर्ति वाली पाइप लाइनों में  अवैध तरीके से किए गए नल कनेक्शन पर भिवंडी स्टेम प्राधिकरण और महानगरपालिका की संयुक्त टीम ने अवैध कनेक्शन विखंडित किए जाने की कार्रवाई जोरो से शुरू की है।

    शहर के विभिन्न हिस्सों से एक  सप्ताह के दौरान आधे  से ढाई इंच के 225 नल कनेक्शन काटे जा चुके है। यह कार्रवाई आगामी 25 दिनों तक चलने वाली है। सूत्रों के अनुसार स्टेम प्राधिकरण कर्मियों द्वारा अवैध रूप से लगाए नल कनेक्शनों का पंचनामा करने के बाद इसे फिर जोड़ने वालों पर केस भी दर्ज किया जाएगा। स्टेम प्राधिकरण की कार्रवाई को लेकर अवैध नल के कनेक्शन लेकर पानी उपयोग करने वालों में हड़कंप मच गया है।

    वॉल लगाकर समयानुसार पानी की सप्लाई 

    भिवंडी स्टेम प्राधिकरण के उपअभियंता अजय चौधरी ने बताया कि एक  सप्ताह में कल्याण रोड के आसपास के इलाकों में आधे  से सवा दो इंच के 225 अवैध कनेक्शनों को खंडित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि स्टेम प्राधिकरण व्यवस्थापक संकेत घरत के आदेश पर यह कार्रवाई शहर के बाद ग्रामीण इलाकों में लगातार एक माह तक चलेगी। उपअभियंता चौधरी ने बताया कि अभी तक शहर में अवैध रूप से पानी पाइप को काटकर मुख्य लाइन में 821 डायरेक्ट नल कनेक्शन को चिंहित किया गया है और बाकी की खोजबीन शुरू है। उपअभियंता चौधरी ने महानगरपालिका की जलापूर्ति कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मेन पाइप लाइन से कामर्शियल और रेसिडेंशियल दोनों कनेक्शन लिया गया है। शहर में पानी की डिस्ट्रीब्यूशन  सही नहीं है। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा जो कनेक्शन काटे जा रहे है। महानगरपालिका वहां वॉल लगाकर समयानुसार पानी की सप्लाई करेगी।

    रिजर्व पुलिस बल की टीम जुटी

    हाईकोर्ट के आदेश पर स्टेम अथॉरटी द्वारा अवैध नल कनेक्शन काटे जाने वाले इलाकों में पानी के लिए हाहाकार मच गया है। अवैध नल कनेक्शन काटने में जुटे अधिकारियों,  कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए पुलिस बंदोबस्त तैनात किया गया है। महानगरपालिकाकर्मियों के साथ स्टेम के 6 अधिकारी सहित 25 जलापूर्तिकर्मी नल कनेक्शन खंडित करने में जुटे है। कार्य के दौरान कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए ईगल सिक्युरिटी के 100 कर्मचारी, महाराष्ट्र सुरक्षा बल के 20 सिक्युरिटी के साथ 70 से 80 पुलिसकर्मियों के साथ ही राज्य रिजर्व पुलिस बल की टीम जुटी है।

    भिवंडी में होता है पानी चोरी

    महानगरपालिका सूत्रों की माने तो भिवंडी महानगरपालिका क्षेत्र अंतर्गत झोपड़पट्टी क्षेत्रों सहित पावरलूम क्षेत्र, कपड़ा डाइंग, साइजिंग सहित बिल्डरों द्वारा भारी संख्या में मुख्य लाइन में जोड़कर अवैध नल कनेक्शन लिए गए है। भिवंडी में जनसंख्या के हिसाब से करीब 200 एमएलडी पानी की प्रतिदिन आवश्यकता है बावजूद सभी जलस्रोतों से करीब 125-130 एमएलडी पानी ही महानगरपालिका द्वारा प्राप्त किया जाता है। भिवंडी शहर में आजादी के 75 वर्षों के बाद भी अनेक क्षेत्रों में पीने के पानी का संकट ज्यादा या कम बना हुआ है।

    हाईकोर्ट के आदेश से जलापूर्ति प्रक्रिया में सुधार के आसार

    जागरूक नागरिकों की माने तो नागरिकों की बारंबार मांग के बाद भी शासन प्रशासन जनसंख्या के हिसाब से जलापूर्ति सुनिश्चित करने पर कोई जरूरी कदम नहीं उठाता है। कांबे गांव वासियों द्वारा जागरूकता दिखाए जाने पर हाईकोर्ट द्वारा स्टेम प्राधिकरण को गांव वासियों के लिए जलापूर्ति सुनिश्चित करने सहित मेन पाइप लाइन में जोड़े गए अवैध नल कनेक्शन को काटने का कड़क आदेश दिया है। हाईकोर्ट के कड़क आदेश के उपरांत महानगरपालिका और स्टेम प्राधिकरण द्वारा अवैध नल कनेक्शनों को काटा जाना जोरों से शुरू है। हाईकोर्ट के दखल के उपरांत जलापूर्ति प्रक्रिया में सुधार होने के आसार है।