Policeman hit couple with vehicle, case registered

    उल्हासनगर: उल्हासनगर (Ulhasnagar) में पिछले साल 23 अक्तूबर की रात 10.30 बजे के करीब उल्हासनगर कैम्प-5 (Ulhasnagar Camp-5) , कुलदेवी मंदिर गूनगीत अस्पताल के पास स्थित 1995 में बनीं 5 मंजिला इमारत पारस पैलेस जिसमें 15 फ्लैट है. उसके 5 वें माले का स्लैब 4 थे माले पर  गिरने की घटना हुई थी, जिसमें 25 वर्षीय एक युवक आकाश पोपटानी की मृत्यु (Death) हो गई थी और 2 लोग घायल (Injured) हुए थे. इस मामले में स्थानीय पुलिस ने लंबी जांच के मामला दर्ज (Case Registered) किया है।

    पांच महीने बाद पारस पैलेस के बिल्डर विजय ताराणी, आर्किटेक्ट पीएन रायसिंघानी और प्लॉट मालिक सीतलदास रोचलानी पर सदोष मनुष्यवध और एमआरटीपी एक्ट के तहत हिललाइन पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज हुआ है। 

    25 साल में लगभग 50 इमारतें गिरी 

    गौरतलब है कि उल्हासनगर में पिछले 25 साल में लगभग 50 इमारतें गिरी इनमें 50 से अधिक मौतें हुई हैं और हजारों नागरिक बेघर और सेंकड़ों दुकानदार बेरोजगारी सामना कर चुके हैं। सबसे पहले सोना मार्केट के पीछे गिरी इमारत में 9 लोग मारे गए उसके बाद सिलसिला शुरू हुआ। 

    ये इमारतें हो चुकी हैं हादसों का शिकार  

    शीशमहल अपार्टमेंट, मां भगवती, नीलकंठ, शिवसागर, रानी मां, महालक्ष्मी, शांति पैलेस, सनमुख सदन, स्वामी शांतिप्रकाश अपार्टमेंट, सोना मार्केट, गुडमैन कॉटेज, नेहरू पार्क, हमलोग अपार्टमेंट, पारसमणी, सिंधरी सागर, लक्ष्मीनारायण, आशीर्वाद मार्केट, माधुरी कॉम्प्लेक्स, मलिका महल, मुरलीवाला, सत्यम कॉम्प्लेक्स, साई आशाराम अपार्टमेंट, मेमसाब, मंदार अपार्टमेंट, साई एम्पायर, शिवलीला, नवचंद्रिका, अंबिकासागर अपार्टमेंट, महक अपार्टमेंट,  मोहिनी पैलेस, साईशक्ती अपार्टमेंट पारस पैलेस का स्लैब गिरा यह इमारतें हादसों का शिकार हो चुकी है।

    अब तक नहीं मिली मुआवजा

    वहीं, गत वर्ष मई और जुन में 2 इमारतें गिरी थी इसमें 12 लोग मारे गए थे। ठाणे जिले के पालकमंत्री एकनाथ शिंदे घटना स्थल का दौरा किया था और मृतकों के परिवार को 5 लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की थी, लेकिन आज तक परिवारजनों को मुआवजा नहीं मिला है। पारस पैलेस मामले की जांच हिल लाइन पुलिस के उप निरीक्षक उस्मान शेख कर रहे है।