chhatrapati shivaji maharaj hospital kalwa

    ठाणे : कुछ दिनों पहले जहां ठाणे महानगरपालिका (Thane Municipal Corporation) द्वारा संचालित छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल (Chhatrapati Shivaji Maharaj Hospital) का प्रसूतिगृह पानी के अभाव में बंद किया गया था, वहीं प्रसूति गृह किसी तरह शुरू ही हुआ था कि अब इस विभाग में कर्मचारियों (Employees) की कमी के चलते फिर से बंद (Closed) करने का मामला सामने आया है। जिसके कारण ठाणे शहर सहित विभिन्न जगहों से इलाज के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 

    गौरतलब है कि ठाणे महानगरपालिका क्षेत्र की कुल आबादी 25 लाख के करीब है। महानगरपालिका  क्षेत्र में दो बड़े सरकारी अस्पताल कार्यरत है। एक जिला सिविल अस्पताल है जो राज्य सरकार है और वर्तमान समय में कोविड के लिए पिछले डेढ़ वर्षों से आरक्षित है। वहीं दूसरी तरफ, कलवा स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल है। जिसे महानगरपालिका संचालित करती है। जिला सिविल अस्पताल कोरोना के लिए आरक्षित होने के कारण शहर सहित जिले के अधिकांश अन्य बीमारियों से ग्रसित मरीज कलवा अस्पताल में ही इलाज के लिए आते हैं।  

    महिलाओं को हो रही परेशानी

    इस अस्पताल में प्रसूति गृह में शहर के साथ-साथ ठाणे और पालघर जिले की गरीब और मध्यम वर्गीय गर्भवती महिलाएं इलाज के लिए आती हैं। जिसमें ओपीडी में प्रतिदिन जांच कराने वाली महिलाओं की संख्या अधिक है, लेकिन अब कलवा स्थित इस अस्पताल का प्रसूति गृह कर्मचारियों की कमी के कारण बंद कर दिया गया है। यहां पर इलाज कराने वाली एक महिला ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अस्पताल का प्रसूति गृह का ओपीडी एक अक्टूबर से बंद है। अर्थात पिछले 13 दिनों से ओपीडी बंद है और महानगरपालिका प्रशासन ने अब तक कोई कदम नहीं उठाया। जिसके कारण उसे और अन्य महिलाओं को इलाज के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।  

    प्रसूति विभाग का ओपीडी बंद करना पड़ा

    अस्पताल प्रशासन की माने तो अस्पताल की ओपीडी में काम करने वाले निवासी डॉक्टरों का परीक्षा शुरू है और वे छुट्टी पर है। जिसके कारण उपचार करने वाले डॉक्टर समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रहे है। इसके अलावा अस्पताल में कर्मचारियों की कमी है और अन्य विभाग में मरीजों का भार अधिक होने के कारण प्रसूति विभाग का ओपीडी बंद करना पड़ा है। 

    निवासी डॉक्टरों की परीक्षा वर्तमान समय में शुरू है। जिसके कारण डॉक्टर छुट्टी पर चले गए है। इसके अलावा जो डॉक्टर है उन्हें अत्यावश्यक सेवा में लगाया गया है। इसलिए जैसे ही डॉक्टर और कर्मचारी उपलब्ध हो जाएंगे वैसे ही प्रसूति गृह का ओपीडी सेवा शुरू कर दी जाएगी।

    -डॉ. भीमराव जाधव, मुख्य अधिष्ठाता, कलवा अस्पताल