CRIME
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    ठाणे : पुलिस स्टेशन (Police Station) के भीतर व्यापारी के 6 करोड़ हड़पने (Businessman’s 6 Crore Grab) के मामले में नया मोड़ आ गया है। दरअसल जिस आधार पर कमिश्नर जयजीत सिंह (Commissioner Jaijit Singh) ने 10 पुलिस कर्मियों (10 Police Personnel) को निलंबित (Suspended) किया उसमे स्टेशन डायरी (Station Diary) और सीनियर पीआई के केबिन (Cabin) की सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footage) मुख्य रही। निलंबित पीआई गीताराम शेवाले ने स्टेशन डायरी में मेमन के घर से लाये गए बॉक्स में खिलौना होने की बात लिखी है। शेवाले ने बॉक्स के भीतर रुपये होने की बात का स्टेशन डायरी में कहीं जिक्र नही किया है। जबकि सीनियर पीआई की केबिन में जहां बाक्सों को रखा गया था। उसमें से एक बॉक्स में से रुपए निकालते हुए शेवाले की छवि सीसीटीवी में कैद हुई है। कमिश्नर ने निलंबन आर्डर में स्टेशन डायरी में शेवाले द्वारा रुपए के बदले खिलौना लिखने, इनकम टैक्स विभाग को सूचित न करने और मामले में आईपीसी 41(1) (डी) के तहत कानूनी कार्रवाई न करने का दोषी (Guilty) पाया गया है। स्टेशन डायरी में रेड करने गए पुलिस वालों की जानकारी दी गई है। इसके अलावा जिस पुलिस स्टेशन की सीमा में अपराध हुआ है उसी ज़ोन के डीसीपी को विभागीय जांच सौंपी गयी है, इस बात को लेकर भी लोगों में तर्क वितर्क शुरू है। 

    कानून के जानकारों के मुताबिक दूसरे जोन के डीसीपी या उससे वरिष्ठ अधिकारी को जांच का जिम्मा दिया जाना चाहिए था। ऐसे में जांच ठीक तरह न होने और उसमें लीपापोती की संभावना बन सकती है। पता हो कि जिस डीसीपी को जांच दी गयी है वे पूर्व में विवादों में रह चुके हैं। 

    निलंबित पुलिस वालों में पीआई गीताराम शेवाले,पीएसआई हर्षल काले,पीएसआई रविराज मदने, कांस्टेबल पंकज गायकर, जगदीश गावीत, दिलीप किरपण, प्रवीण कुंभार, अंकुश वैद्य, ललित महाजन, निलेश सालुंखे हैं।