मृग नक्षत्र में शहर में कुछ इलाकों में गिरी बारिश, मान्सून के आगमन के संकेत

    • शहर में बदला मौसम,उमसभरी गर्मी में कमी

    यवतमाल. जुन माह की शुरुआत होने के बावजुद राज्य में मान्सून का फिलहाल आगमन नही हुआ है, लेकिन आज यवतमाल,पुसद तहसील समेत कुछ ईलाकों में बारिश गिरी,देश में केरल में मान्सून का आगमन हो चुका है, लेकिन राज्य में कोंकण और इसके बाद मुंबई  में फिलहाल इसका आगमन नही हो पाया है.

    मौसम विभाग के मुताबिक राज्य में 20 जुन तक मान्सून की बारिश होने का अनुमान जताया गया है.लेकिन मृग नक्षत्र के दौरान आज कुछ ईलाकों में बारिश होने से इसे मान्सून के आगमन का संकेत माना जा रहा है.इसी बीच आज यवतमाल और पुसद तहसील समेत जिले के कुछ ईलाकों में बारिश का आगमन हुआ.आज 11 जुन को सुबह 11 बजे के बाद मौसम बदलने के साथ ही आकाश पर घने मेघ छा चुके थे,साथ ही ठंडी हवाएं बहने से भीषण उमस और गर्मी से आम नागरिकों को राहत मिलती दिखी.

    इस दौरान शहर के पुर्वी और पश्चीम दिशा के बाहरी ईलाकों में दोपहर 12 बजे के दौरान जोरदार बारिश हुई, लेकिन शहर के बीच में केवल बुंदाबांदी हुई.लेकिन दोपहर तक यवतमाल शहर में कुछ ईलाकों को छोडकर अधिकांश ईलाकों में बारिश नही गिरी,एैसे में मान्सून और बारिश के आगमन के दौरान कहीं बारिश गिरने और कहीं पर ना गिरने से बारिश के इस तरह का रुप शहरवासीयों को हैरत में डालता दिखाई दिया.

    7 जुन से मृगनक्षत्र की शुरुआत होने के बाद इस नक्षत्र में यह पहली बारिश हुई, हालांकी यवतमाल शहर में आज अधिकांश ईलाकों को छोडकर दोपहर में कुछ ईलाकों में ही बारिश गिरी.यवतमाल तहसील समेत अधिकांश तहसीलों में फिलहाल मृगनक्षत्र की जोरदार बारिश नही हुई है, फिर भी अनेक तहसीलों में मुख्य तौर पर अधिकांश तौर पर कपास का उत्पादन लेनेवाले अनेक किसानों ने मान्सूनपुर्व बुआई की हुई, जबकी सभी किसान मान्सून और मृगनक्षत्र में अब जोरदार बारिश की आस लगाए हुए है.

    इसी बीच जिले में खेतों में खरीफ के बुआई पुर्व कामों में तेजी आयी हुई है, किसान और खेतीहर मजदूर दिनभर खेत जोतने ओर सफाई के कामों में लगे हुए है.कृषी विभाग द्वारा जिले के किसानों को मान्सून की बारिश गिरने के बाद ही मृग नक्षत्र में होनेवाली खरीफ की बुआई करने की सलाह दी गयी है, एैसे में जिले के सभी तहसीलों में कहीं पर धुलपेरणी और कपास की बुआई के अलावा सोयाबीन, और दलहन तथा अन्य फसलों की बुआई फिलहाल रुकी हुई है.