Hemant Soren has reached against Hindi while opposing Hindu: Bhanu Pratap Shahi

    ओमप्रकाश मिश्र 

    रांची. मगही (Magahi) और भोजपुरी भाषा (Bhojpuri Language) को बाहर की भाषा बताकर झारखंड नियोजन नीति (Jharkhand Planning Policy) से अलग किये जाने के मुख्यमंत्री (Chief Minister) के निर्णय के खिलाफ विरोध की आवाजें उठने लगी है। मुख्यमंत्री के मगही और भोजपुरी भाषा को बाहर की भाषा बताये जाने का कड़ा विरोध करते हुए भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक भानु प्रताप शाही ने आज कहा कि मुख्यमंत्री (Chief Minister) हेमंत सोरेन (Hemant Soren) झारखंड में जाति, संप्रदाय और भाषा का बीज बो कर राजनीति करना चाह रहे हैं। उन्होंने सोरेन पर आरोप लगाते हुए कहा कि हिंदू का विरोध करते-करते मुख्यमंत्री अब हिन्दी के विरोध पर पहुंच गए हैं।

    भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में भानू प्रताप शाही ने कहा है कि भोजपुरी और मगही बोलने वाले ब्लात्कारी हैं तो ऐसे कितने लोगों पर अबतक कार्रवाई की गयी है इसकी सूचि उपलब्ध करायें मुख्यमंत्री। गौरतलब है की एक चैंनल को दिए गए एक इंटरव्यू में  हेमंत सोरेन ने नियोजन नीति से भोजपुरी और मगही को हटाए जाने के सवाल पर कहा था कि मगही-भोजपुरी झारखंड के लिए बॉरोड लैंग्वेज है। सोरेन ने यह भी कहा था कि जो लोग भोजपुरी, मगही बोलते हैं वे सभी डॉमिनेटिंग पर्सन हैं। आंदोलनकारियों के छाती पर पैर रख, महिलाओं की इज्जत लूटते वक्त भोजपुरी में ही गाली दी जाती थी। इन बोलियों के माध्यम से झारखंड का बिहारीकरण नहीं होने देंगे। मुख्यमंत्री के इस बयान से भाजपा खेमे में सोरेन के खिलाफ सख्त नाराजगी व्याप्त है।  भाजपा नेताओं में दोनों भाषाओं का इस तरह अपमान करने को लेकर मुख्यमंत्री से माफी मांगने की अपील की है।

    भाजपा नेता भानू प्रताप शाही ने कहा है कि एक भाषा को बोलने वाले सारे लोग ब्लात्कारी कैसे हो सकते हैं ? सभी को ब्लात्कारी बता कर मुख्यमंत्री अपनी मानसिकता और सोच को प्रदर्शित कर रहे है। भानु ने कहा कि सीएम अब बोली के नाम पर तुष्टीकरण कर रहे हैं। नमाज से शुरू हुआ उनका रास्ता कफन पर जाकर खत्म होगा।

    आरजेडी के साथ सरकार चला रहे है

    भानू प्रताप शाही ने हेमंत सोरेन से सवाल पूछा है कि अगर उनकी नजर में बिहार की बोली इतनी ही खराब है तो वे राष्ट्रीय जनता दल के साथ गठनबंधन की सरकार कैसे चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ आप उन्हें बिहारी बोल रहे हैं। दूसरी तरफ झारखंड हमारी लाश पर बनेगा कहने वाले राष्ट्रीय जनता दल  के साथ मिलकर सरकार चला रहे हैं। किस नैतिकता के आधार पर आरजेडी के साथ सरकार चला रहे है। यूँ अब तक हेमंत सोरेन ने कई ऐसे बयान दिए है जो झारखंड की जनता के लिए नैतिकता की कसौटी पर कहीं भी खरी नहीं उतरती पर इस बार के बयान से उनके खिलाफ झारखंड समेत बिहार से भी उनके खिलाफ आवाजें उठने लगी है।