पीएम मोदी (Photo Credits-ANI Twitter)
पीएम मोदी (Photo Credits-ANI Twitter)

    नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 (UP Assembly Election 2022) के मद्देनजर सूबे का सियासी पारा गरमाया हुआ है। इन सब के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) आज गोरखपुर (Gorakhpur) पहुंचे हैं। मोदी ने यहां एम्स, खाद कारखाने सहित 9600 करोड़ की परियोजनाओं को हरी झंडी दी है। साथ ही उन्होंने जनसभा को भी संबोधित किया।  

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 5 साल पहले मैं यहां एम्स और खाद कारखाने का शिलान्यास करने आया था। आज इन दोनों का एक साथ लोकार्पण करने का सौभाग्य भी आपने मुझे ही दिया है। ICMR के रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर को भी आज अपनी नई बिल्डिंग मिली है। मैं उत्तर प्रदेश के लोगों को बधाई देता हूं।

    उन्होंने कहा कि गोरखपुर में उर्वरक कारखाना और एम्स का शुरू होना अनेक संदेश दे रहा है। जब डबल इंजन की सरकार होती है तो डबल तेजी से काम भी होता है। जब नेक नीयत से काम होता है तो आपदाएं भी अवरुद्ध नहीं बन पाती है।

    मोदी ने कहा कि जब गरीब-शोषित-वंचित की चिंता करने वाली सरकार होती है, तो वो परिश्रम भी करती है, परिणाम भी लाकर दिखाती है। वे बोले जब 2014 में आपने मुझे सेवा का अवसर दिया था, तब उस समय देश में फर्टिलाजर सेक्टर बहुत बुरी स्थिति में था। देश के कई खाद कारखानों वर्षों से बंद पड़े थे। विदेशों से आयात लगातार बढ़ता जा रहा था।

    PM ने कहा कि एक बड़ी दिक्कत ये भी थी कि जो खाद उपलब्ध थी, उसका इस्तेमाल चोरी-छिपे और भी कामों में गुपचुप हो जाता था। इसलिए देशभर में यूरिया की किल्लत तब सुर्खियों में रहती थी। उन्होंने कहा कि हमने यूरिया का गलत इस्तेमाल रोका, यूरिया की 100% नीम कोटिंग की। हमने करोड़ों किसानों को soil health card दिए ताकि उन्हें पता चल सके उनके खेत को किस तरह की खाद की जरूरत है। 

    मोदी ने कहा कि हमने यूरिया के उत्पादन को बढ़ाने पर जोर दिया। बंद पड़े fertilizer plants को फिर से खोलने पर ताकत लगाई।  उन्होंने कहा कि फर्टिलाइजर प्लांट क शिलान्यास के समय मैंने कहा था कि इस कारखाने के कारण, गोरखपुर इस पूरे क्षेत्र में विकास की धुरी बनकर उभरेगा। आज मैं इसे सच होते देख रहा हूं। 

    यूपी के सीएम योगी ने इस दौरान कहा कि गोरखपुर का उर्वरक कारखाना 10 जून 1990 में बंद हो गया था और 1990 से लेकर 2014 तक यानी 24 वर्षों तक किसी ने इसकी सूद लेने का काम नहीं किया। लेकिन 2016 में PM ने गोरखपुर में इसका शिलान्यास किया और पहले स्थापित कारखाने की तुलना में ये 4 गुना बड़ा है।