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राजेश मिश्र@नवभारत 
लखनऊ: उत्तर प्रदेश (UP) विधानसभा (Assembly) के शीतकालीन सत्र (Winter session) की मंगलवार को शुरुआत सदन के बाहर ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोपों प्रत्यारोपों से हुई। नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने जातीय जनगणना का मुद्दा उठाया वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विपक्ष के सभी सवालों का जवाब दिया जाएगा। पहले दिन वर्तमान में विधायक रहे आशुतोष टंडन को श्रद्धांजलि देने के बाद कार्यवाही स्थगित कर दी गयी। बुधवार दोपहर प्रदेश सरकार दोनों सदनों में चालू वित्तीय वर्ष के लिए अनुपूरक बजट (Supplementary Budget) पेश करेगी।

केवल चार दिनों के लिए बुलाए गए शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन अनुपूरक बजट पर चर्चा की शुरुआत होगी जबकि अंतिम दिन एक दिसंबर को इसे पारित किया जाएगा। 

शीतकालीन सत्र के दौरान उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय छठा संशोधन अध्यादेश 2023, शीरा नियंत्रण अध्यादेश, उत्तर प्रदेश माल एवं सेवा कर अध्यादेश के साथ कुछ अन्य विधेयक पेश किए जाएंगे। 

इससे पहले शीतकालीन सत्र के पहले दिन मंगलवार को सदन पहुंचे अखिलेश यादव ने सत्र की अवधि कम दिनों के लिए रखे जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने मीडिया से कहा कि सरकार विपक्ष के सवालों से बच रही है और वह नहीं चाहती है कि जनता के मुद्दे उठाए जाएं। सपा प्रमुख ने जातीय जनगणना की मांग को भी दोहराया। 

सपा मुखिया ने कहा कि सामाजिक न्याय के लिए आरक्षण जरूरी है। वहीं मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सरकार विपक्ष के सभी सवालों का जवाब देगी। उन्होने कहा कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। सदन के कामकाज पर संतोष जताते हुए उन्होंने कहा कि पहले मारपीट होती थी पर अब छह सालों से सदन गरिमापूर्ण तरीके से चल रहा है। उन्होंने सभी विधायकों से सदन को अच्छी तरह से चलाने में मदद की अपील की। 

पहले दिन सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद अखिलेश यादव ने अस्पतालों में इलाज न मिलने का मुद्दा उठाया और कहा कि सरकार का कहना है कि राजस्व सरप्लस है पर लोगों को दवा नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि किसान और बेरोजगारों की सुनवाई नहीं हो रही है और निवेश कहीं नजर नहीं आ रहा है। आवारा जानवरों का उत्पात जारी है और किसानों की मौत हो रही है। अखिलेश ने कहा कि नए नियम कानून लाकर विरोध प्रदर्शन रोक दिया गया है। वहीं उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि विपक्ष के पास कुछ कहने को नहीं है और वो निराशा में डूबे हुए हैं।