Tech Companies Layoffs 2024
टेक कंपनियों में छंटनी (PIC Credit: Social Media)

Loading

नवभारत डिजिटल डेस्क: कोरोना महामारी (Coronavirus) की वजह से आई ज़्यादा महंगाई (Inflation) और कम उपभोक्ता की मांग की वजह कई लोगों को नौकरी (Laid off) से निकला जा रहा है। टेक कंपनियों (Tech Companies) बड़े पैमाने पर छंटनी कर रहे हैं, जिसकी वजह से लोगों के निजी ज़िंदगी पर काफी असर पड़ रहा है। पिछले साल भी कई टेक कंपनियों ने छंटनी का सहारा लिया था। जिसके बाद अब यह 2024 में भी ये देखने मिला है।

लगभग 25,000 कर्मचारियों की छंटनी 

पिछले साल जहां लगभग 260,000 से ज़्यादा लोगों ने अपनी नौकरी गंवा दी थी। वहीं अब इस साल के पहले चार हफ्तों में मेटा, अमेज़ॅन, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, टिकटॉक और सेल्सफोर्स सहित लगभग 100 टेक्नोलॉजी कंपनियों ने छंटनी की है। टेक्नोलॉजी कंपनियों ने बड़े पैमाने पर लगभग 25,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है, जो कि प्रौद्योगिकी क्षेत्र पर नज़र रखने वाली संस्था layoffs।fyi के अनुसार है। 

स्टॉक की कीमतों में मिली मदद

छंटनी का ये दौर ऐसा चल रहा है हर दिन कोई न कोई कंपनी कर्मचारियों को निकालने का ऐलान कर रही है। वहीं वाशिंगटन विश्वविद्यालय के फोस्टर स्कूल ऑफ बिजनेस के प्रोफेसर और तकनीकी उद्योग पर नज़र रखने वाले जेफ शुलमैन ने कहा, “तकनीक में भेड़चाल का प्रभाव है।” ऐसे में छंटनी से उनके स्टॉक की कीमतों में मदद मिलती है। इसलिए कंपनियों के पास छंटनी को रोकने की कोई वजह नहीं है। 

छंटनी से निवेशकों को करना है संतुष्ट 

शुलमैन आगे कहते हैं, “वे इससे दूर हो रहे हैं क्योंकि हर कोई ऐसा कर रहा है और अब यह नया सामान्य है। कर्मचारी इसके साथ अधिक सहज हैं, स्टॉक निवेशक इसकी सराहना कर रहे हैं और इसलिए मुझे लगता है कि यह इसे कुछ समय तक ऐसे ही जारी रहेगा।” वहीं कुछ छोटे स्टार्टअप पैसों की कमी का सामना कर रहे हैं, जिसकी वजह से वह कार्यबल में कटौती करने पर मजबूर हुए हैं। हालांकि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि ज़्यादातर बड़ी और सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाली तकनीकी कंपनियों के लिए इस महीने छंटनी की प्रवृत्ति का उद्देश्य निवेशकों को संतुष्ट करना है। 

जेनरेटिव AI में निवेशकों को प्राथमिकता 

वहीं इस समय ब्याज दरें 5.5% के आसपास हैं, महामारी की लगभग-शून्य दरों से यह काफी बढ़ गई हैं और कुछ तकनीकी कंपनियां जेनरेटिव एआई में नए निवेश को प्राथमिकता देने के लिए कर्मचारियों में फेरबदल कर रही हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि ये वजहें इस महीने की छंटनी को सही तरीके से स्पष्ट नहीं करती हैं। 

दुनिया में कितनी बार आ चुकी है आर्थिक मंदी

टेक कंपनियों में ऐसी छंटनी पहली बार नहीं हुई है। इससे पहले भी ऐसा कई बार हो चुका है। इसका लोगों के निजी ज़िंदगी में काफी असर पड़ता है। लोग अपनी नौकरी गंवा देते हैं और इससे उन्हें काफी नुकसान होता है। ऐसी छंटनी आर्थिक गतिविधियों में आई गिरावट और रुकावट मंदी की की वजह से होता है। पहली बार दुनिया को साल 1975 में मंदी झेलना पड़ा था। इसके बाद 1982 में, तीसरी बार 1991 में और चौथी बार 2008 में आर्थिक मंदी आई थी। उसके बाद कोरोना महामारी की वजह से भी लोगों ने यह सब झेला है। 

अब तक इन कंपनियों ने की छंटनी 

जानकारी के लिए बता दें कि दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) ने अपने गेमिंग डिवीजन Activision Blizzard में 1900 कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की है। इसके अलावा ऑनलाइन रिटेल कंपनी eBay Inc ने अपने कुल वर्कफोर्स के 9 फीसदी कर्मचारियों यानी 1000 लोगों को बाहर कर दिया है। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई (Google CEO Sundar Pichai) ने भी पिछले हफ्ते कंपनी में बड़े पैमाने पर छंटनी की बात कही थी। वहीं ई कॉमर्स कंपनी अमेजन ने अपनी स्ट्रीमिंग यूनिट Twitch में 500 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का फैसला लिया है। कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में कई और बड़ी टेक कंपनियां बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी कर सकती हैं।