बिल्डिंग की छतों पर कृत्रिम तालाब बना कर मना छठ पर्व

भिवंडी. कहते हैं कि धर्म और त्यौहारों में गहरी आस्था हो तो उसे शासन क्या कोई भी मनाने से रोक नहीं सकता. भिवंडी में ठीक यही दृश्य इस वर्ष कोरोना संक्रमण के कारण छठ पर्व पर छठ व्रतियों और पर्व की आस्था में समर्पित भक्तों में देखने को मिला. भिवंडी में छठ का त्यौहार इस वर्ष शासन की तरफ से सार्वजनिक स्थल नदियों और तालाबों के किनारे मनाने की मनाही की थी, जिसका पालन करते हुए छठ मइया के भक्तों ने बिल्डिंग की छत के ऊपर प्लास्टिक के छोटे टब को कृत्रिम तालाब बना लिया और कई जगहों पर खाली जमीन पर गड्ढे खोदकर उसमें नीचे से ऊपर तक प्लास्टिक फैलाकर उसमें पानी भरकर कृत्रिम तालाब बनाए गए.

छठ पर्व के दिन छठ व्रतियों ने शाम को डूबते हुए सूर्य तथा सुबह उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर त्यौहार को मनाया तथा परिवार, समाज और देश की खुशहाली के लिए मंगल कामना की. छठ प्रेमियों ने तो छठ मइया से कोरोना रोग जैसी विश्वव्यापी महामारी से छुटकारा दिलाने के लिए और लोगों के जीवन को सुरक्षित रखने के लिए प्रार्थना की. छठ प्रेमियों के अनुसार, छठ पर्व के साथ सनातन से हमारी आस्था जुड़ी हुई है.

पीढ़ी दर पीढ़ी से लोग इसे पूरी निष्ठा और समर्पित भाव से मनाते आए हैं. हमारे प्रदेश में भी समाज और परिवार वाले इसे मनाते थे और परदेस में आकर हम लोग भी उसी परंपरा के अनुरूप छठ पर्व को मनाते है और भविष्य में भी मनाते रहेंगे.छठ मइया इसके लिए हमें पूरी भक्ति और शक्ति प्रदान करती रहें सबको सुखी, संपन्न और सुरक्षित रखें.