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    नवी मुंबई. मुंबई (Mumbai), ठाणे (Thane), रायगड, पालघर (Palghar) व अन्य जिलों में महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government)  की मान्यता वाले बोर्ड में माथाडी कर्मचारी के तौर पर भारी संख्या में पुरूष व महिलाएं काम कर रही है। माथाडी कर्मचारियों की वजह से एपीएमसी (APMC) की मंडियों में अत्यावश्यक सेवा सुचारू तौर से शुरू है। ऐसे सभी पंजीकृत कर्मचारियों को राज्य सरकार के द्वारा बीमा सुरक्षा कवच मुहैया कराने की मांग महाराष्ट्र राज्य माथाडी ट्रान्सपोर्ट व जनरल कामगार युनियन ने राज्य सरकार से की है।

     युनियन के महासचिव नरेंद्र अण्णासाहेब पाटिल व अन्य पदाधिकारियों ने उक्त संबंध में राज्य सरकार को पत्र दिया है। जिसमें इस बात का उल्लेख किया गया है कि कोरोना योद्धाओं को जिस तरह की सुविधाएं मिल रही हैं। उसी तरह की सुविधाएं माथाडी कर्मचीरियों को भी मिलनी चाहिए। पाटिल ने पत्र के द्वारा राज्य सरकार को अवगत कराया है कि माथाडी कर्मचारियों के द्वारा राज्य की एपीएमसी मार्केट व अन्य ठिकानों पर कोरोना काल में भी आनाज,फल, सब्जी,दवाई व अन्य जीवनावश्यक सामग्री की लोडिंग व अनलोडिंग का काम किया जा रहा है।अपनी जान को जोखिम में डालकर काम कर रहे माथाड़ी कर्मचारियों को सुरक्षा कवच मुहैया करना सरकार का फर्ज बनाता है।

      कई कर्मचारियों ने अपनी जान गवांई

     पाटिल ने राज्य सरकार को लिखे अपने पत्र में कहा है कि मार्च 2020 से अपनी जान की परवाह किए बगैर माथाडी कर्मचारी कोरोना काल में अपनी अबाधित सेवाएं देते आ रहे हैं। कोरोना से संक्रमित होकर कई माथाडी कर्मचारी अपनी जान गवां चुके हैं। जिनके परिवार को सरकार के द्वारा मदद मिलना चाहिए था। लेकिन इसके बारे में सरकार ने अब तक कोई निर्णय नहीं लिया है। वहीं कोरोना काल में माथाडी कर्मचारियों रेलवे में यात्रा करने की अनुमति भी नहीं दी गई है। माथाडी बोर्ड के द्वारा माथाडी कर्मचारियों को जो पहचान पत्र दिया गया है। उसके आधार पर माथाडी कर्मचारियों को रेलवे व बस यात्रा करने की अनुमति देना जरूरी है।