Wasim Rizvi

    लखनऊ: देश के प्रमुख मुस्लिम संगठनों ने कुरान शरीफ से 26 आयतें हटाने के आग्रह सम्बन्धी याचिका दायर करने वाले उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी (Wasim Rizvi) के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर सवाल उठाए हैं। ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने बृहस्पतिवार को रिजवी के मसले पर एक आपात बैठक बुलाई है, जिसमें इस मामले पर विचार विमर्श कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वरिष्ठ सदस्य मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने वसीम रिजवी के खिलाफ अभी तक कोई भी कार्रवाई नहीं होने पर सवाल उठाते हुए बुधवार को कहा ”आखिर रिजवी को किसका संरक्षण हासिल है?”    

    उन्होंने ‘ पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा कि रिजवी ने कुरान शरीफ पर उंगली उठा कर सारी हदें पार कर दी हैं। सरकार को चाहिए कि देश की आवाम के एक बड़े तबके की भावनाओं का ख्याल रखते हुए रिजवी के खिलाफ फौरन सख्त कानूनी कार्रवाई करे। इस बीच, ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि एक पूरे समुदाय के सब्र का इम्तिहान लेने वाली इस घटना को अंजाम देने के बावजूद रिजवी के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। यह अपने आप में एक बड़ा सवाल है।   उन्होंने कहा कि वसीम रिजवी ने कुरान शरीफ से 26 आयतें निकालने की मांग वाली याचिका उच्चतम न्यायालय में दायर कर हिंदुस्तान ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के मुसलमानों की भावनाओं पर जबरदस्त चोट की है।   

    अब्बास ने कहा कि रिजवी के मसले पर ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड की बृहस्पतिवार को एक आपात बैठक बुलाई गई है जिसमें इस मामले पर भविष्य की रणनीति को लेकर निर्णय लिया जाएगा। इधर, रिजवी द्वारा कुरान शरीफ पर उंगली उठाने वाली याचिका दायर किये जाने के बाद उनके परिवार ने उनसे कोई नाता नहीं होने का एलान कर दिया है।   रिजवी के छोटे भाई जहीर रिजवी का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह कह रहे हैं ”वसीम रिजवी से न तो मेरा, न मेरी मां का, न भाई और न ही बहन का कोई ताल्लुक है। कोई भी उनसे सम्बन्ध नहीं रखना चाहता। वह पागल हो गये हैं। उन्हें दीन और इस्लाम से कोई मतलब नहीं है, इसलिये वह इस तरह की बातें बोलते हैं। वह किसी के इशारे पर यह सब बातें कह रहे हैं। कौन उन्हें बहला रहा है, कौन राजनीति कर रहा है, मैं इसमें नहीं पड़ना चाहता।”   

    उन्होंने कहा ”वसीम रिजवी ने गुनाह-ए-कबीरा (महापाप) किया है। बहरहाल, कुरान की हिफाजत तो अल्लाह करेगा। उसमें से एक भी नुक्ता, ज़ेर, ज़बर नहीं हटाया जा सकता है। कुरान पर पहले भी हमले होते रहे हैं, मगर अल्लाह ने हर बार उसकी हिफाजत की है।” 

    गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी ने गत 11 मार्च को उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दाखिल कर कहा था कि न्यायालय कुरान की 26 आयतों को हटाने के आदेश दे, क्योंकि उनसे आतंकवाद को बढ़ावा मिलता है।   

    रिजवी के इस कदम की पूरे देश में कड़ी निन्दा की गयी थी। लखनऊ समेत अनेक स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किये गये थे। आल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड, दारुल उलूम देवबंद और शिया पर्सनल ला बोर्ड समेत अनेक मुस्लिम तंजीमों ने रिजवी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनके खिलाफ बरेली में मुकदमा भी दर्ज हो चुका है।