राज्य में घुमंतू विमुक्त का तुरंत सर्वेक्षण करें, उपविभागीय अधिकारी को सौंपा ज्ञापन

    हिंगनघाट . केन्द्र सरकार ने शुरू किए अधिसूचित, घुमंतू, विमुक्त व अर्ध घुमंतू जमाति का सर्वेक्षण तुरंत करने की मांग को लेकर घुमंतू विमुक्त के विविध संगठन ने उपविभागीय अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को ज्ञापन सौंपा. 70 वर्ष की लंबी प्रतीक्षा के बाद भारत सरकार के सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय ने विमुक्त, घुमंतू व अर्ध घुमंतू जाति-जमाति के लिए विकास व कल्याण मंडल स्थापित किया है.

    इस माध्यम से वंचित, अत्यंत पिछड़ा व उपेक्षित घुमंतू विमुक्त जाति जमाति को मूलभूत अधिकार प्रदान करने स्वातंत्रता के बाद पहली बार राज्य सरकारी यंत्रणा द्वारा केन्द्र सरकार के पत्र के तहत घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया जाएगा. इस सर्वेक्षण के माध्यम से जनसंख्याकीय प्रोफाइल, सामाजिक आर्थिक स्थिति की जानकारी एकत्र की जानी थी. 

    स्थलांतरण, दस्तावेजों का अभाव बड़ी समस्या

    नियमित होनेवाला स्थलांतर, निवास, भूमिहीन, दस्तावेजों का अभाव, स्वास्थ्य व शिक्षा यह ज्वलंत प्रश्न आज भी समाज के सामने है. सरकार के पास अबतक समाज की संपूर्ण जानकारी नहीं. जिससे उनके विकास व कल्याण की योजना अस्तित्व में नहीं है. यह प्रास्ताविक सर्वेक्षण समाज के लिए काफी महत्वपूर्ण है. इस सर्वेक्षण के बाद विविध योजना अमल में आकर दुर्लक्षित समाज मुख्य प्रवाह में समाविष्ट होगा. परंतु राज्य के घुमंतू का सर्वेक्षण न हो, इस उद्देश्य से मंत्रालय के कुछ लोगों ने आदेश का उल्लंघन किया. 

    आंदोलन की चेतावनी

    इस प्रकरण में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, सामाजिक न्याय मंत्री धनंजय मुंडे व घुमंतू कल्याण मंत्री विजय वडेट्टीवार ने ध्यान देकर सर्वेक्षण तुरंत शुरू करें, ऐसी मांग ज्ञापन से की गई. इस ओर अनदेखी करने पर तीव्र जनआंदोलन करने की चेतावनी वीजेएनटी सर्वेक्षण जनगणना लड़ा कृति समिति व संघर्ष वाहिनी ने दी है. ज्ञापन सौंपते वक्त अशोक मोरे, संजय कोपुलवार, अमित आगुलवार, धर्मदास गाढवे, अनिल ढाले, सुरज कोल्हे, बबलू मोरे, सुरज ढाले,नंदु ढाले मौजूद थे.