प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

    वर्धा. विविध कार्यकारी सेवा सहकारी संस्था (रजि नं. 402) लहान आर्वी व विविध कार्यकारी सेवा सहकारी संस्था (रजि नं. 263) अंतोरा में आर्थिक घोटाला उजागर हुआ था़  इस प्रकरण में आठ वर्ष बाद आष्टी पुलिस ने संस्था के सचिव व बैंक निरीक्षक को तीन दिन पहले हिरासत में लिया़  उन्हें न्यायालय में पेश करने पर जेल रवाना कर दिया गया है.

    इस बीच आरोपियों ने बेल के लिए अपील की, परंतु न्यायालय ने उनकी बेल खारिज किए जाने की जानकारी है़  दोनों सहकारी कार्यकारी संस्था में वर्ष 2010 से 2012 के बीच घोटाले की शिकायत सामने आयी थी़  इस आधार पर सहकारी संस्था कारंजा के उपलेखा परिक्षक संजय पांडुरंग साखरे ने दोनो संस्थाओं का आडिट किया था़  इसमें 1 लाख 40 हजार रुपए की गड़बड़ी सामने आयी़  इसकी आडिट रिपोर्ट वरिष्ठों को भेजी गई.

    इसके संस्था के सचिव वसंत चंदिवाले, बैंक प्रबंधक एमएस तेल्हार व बैंक निरीक्षक एनएम मेश्राम दोषी पाये गए थे़  परिणामवश जांच पड़ताल के बाद इन तीनों के खिलाफ 6 अगस्त 2018 को आष्टी पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज आगे की जांच शुरू कर दी थी़  आरोपियों ने तीन मृतकों के नाम फर्जी दस्तावेज तैयार कर 1.40 लाख का कर्ज वितरण बताया था़  इसके अलावा संस्था के रिकार्ड में भी छेड़खानी की थी़ कुछ किसानों के नाम पर भी कर्ज उठाया गया था.  

    संबंधित विभाग ने तीनों को नोटिस जारी कर पैसे भरने को कहा था़  घोटाले की कुछ राशि आरोपियों द्वारा भरी गई, परंतु कुछ राशि वसूलनी बाकी है़  पत्रव्यवहार के बावजूद भी किसी प्रकार का प्रतिसाद नहीं मिल रहा था़ आखिरकार प्रकरण में आष्टी पुलिस ने संस्था के सचिव वसंत चंदिवाले व बैंक निरीक्षक मेश्राम को तीन दिन पहले हिरासत में लिया था़  दोनों को न्यायालय में पेश करने पर उनकी जेल रवानगी कर दी गई है़ आरोपी की ओर से बेल के लिए अपील की गई, परंतु न्यायालय ने उनकी अपील खारिज करने की जानकारी है़  प्रकरण में आगे की जांच थानेदार के मार्गदर्शन में पुलिस उपनिरीक्षक डीजे ठमके कर रहे है.