ओबीसी ने दी जिलाधिकारी कार्यालय पर दस्तक

वर्धा. आरक्षण बचाने की मांग को लेकर महात्मा फूले समता परिषद के नेतृत्व में बुधवार को ओबीसी ने जिलाधिकारी कार्यालय पर दस्तक दी. मोर्चा की शुरुआत बजाज चौक से हुई. पश्चात जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को मांगो का ज्ञापन सौंपा गया. महाराष्ट्र में ओबीसी का मंडल आयोग 1994 को लागू हुआ. 25 वर्ष बाद भी ओबीसी की समस्या कायम होकर दिनों दिन बढ रही है. ओबीसी विद्यार्थियों की तीन हजार करोड की छात्रवृत्ति बकाया है.

ओबीसी विद्यार्थियों के छात्रावास, स्वाधार योजना, महाज्योति को हजारों करोड का निधि आदी विषय प्रलंबित होकर भी कुछ लोगों ने ओबीसी का आरक्षण खतरे में डालने का षडयंत्र शुरु किया है. जिसके लिए महाराष्ट्र में ओबीसी को जागृति कर सरकार को चेतावनी देने के लिए महाराष्ट्र भर महात्मा फूले समता परिषद की आरे से ओबीसी आरक्षण बचाव द्वारा मोर्चा निकाला जा रहा है.

इसी पार्श्वभूमि पर बुधवार को महात्मा फूले समता परिषद की ओर से जिलाधिकारी कार्यालय पर समता परिषद के विभागीय अध्यक्ष प्रा़ दिवाकर गमे, राष्ट्रवादी ओबीसी सेल के प्रदेशाध्यक्ष ईश्वर बालबुधे के नेतृत्व में ओबीसी ने जिलाधिकारी कार्यालय पर मोर्चा निकाला. मोर्चा का समापन डा़ बाबासाहब आंबेडकर परिसर हुआ. मोर्चा में महात्मा फुले समता परीषद के विभागीय अध्यक्ष प्रा. दिवाकर गमे, राष्ट्रवादी ओबीसी सेल के प्रदेशाध्यक्ष ईश्वर बालबुधे, प्रा. जगदीश जुनगरी, समता परीषद के जिलाध्यक्ष निलकंठ पिसे, विनय डहाके, विशाल हजारे, निलकंठराव राऊत, भरत चौधरी, पुंडलिक नागतोडे, जयंत भालेराव, रवि जोगे, महिला अध्यक्ष कविता मुंगले, किरण कडु, रेखा खेलकर, अल्का भुगुल, वनिता धामंदे, कवडु बुरंगे, वनिता झाडे, हरीश काले, शारदा खडसे, श्रध्दा कडु, राजश्री काले, विमल एकरपुरे, मिलिंद पाचपोर, सुरेश बोरकर, किशोर तितरे, हेमराज हरणे, जयंत मानकर, श्याम जगताप, संजय म्हस्के, प्रभाकर धोटे, राहुल जाधव, अर्चना मुडे, शारदा ढोक, वृषाली कदम, ईश्वर पवार मौजूद थे.