Farmers have thousands of quintals of cotton, demand to speed up procurement process

  • कपास की वेचाई में गति, नहीं मिल रहे मजदूर

वर्धा. गत कुछ दिनों से जिले में अचानक मौसम ने करवट बदली है़ इससे ठंड का असर कम होकर आकाश में हलके बादल छाये हुए है़ इससे कपास उत्पादन किसानों की चिंता पुन: बढ गई है़ वहीं दूसरी ओर कपास वेचाई के काम में भी गति देखी जा रही़ किसान मजदूरों की तलाश में दर दर भटकते नजर आ रहे है़

सोयाबीन की फसल हाथ स ने निकल जाने के बाद कपास पर भी बोंड इल्ली का प्रकोप देखा गया़ सफदे सोने ने भी किसानों को निराश कर दिया़ किसी तरह बचिकुची फसल से लागत खर्च निकलने की उम्मीद किसान कर रहा है़ सिंचाई की व्यवस्था कर फसल को पुन: जीवित रखने की जद्दोहद किसान कर रहा है़ धीरे धीरे फलो से कपास निकल आया है़ ऐसी स्थिति में अचानक मौसम ने भी करवट बदलनेसे किसानों की चिंता में इजाफा देखने मिल रहा़ तीन-चार दिनों से बदरिला मौसम होने से किसान कपास वेचाई में जुट गया है़ परंतु समय पर मजदूर न मिलने से परेशानिया उठानी पड रही है.

दीपावली का त्यौहार होने से अधीकांश लोग बाहरगांव निकल गए है़ इससे मजदूर भी नहीं मिल पा रहे़ मजदूर आज आएंगे, कल आएंगे, इस प्रकार का आश्वासन किसानों को दे रहे़ ऐसी स्थिति में अब बाहरी क्षेत्र के मजदूरों को बुलावा भेजा गया है़ इस बात का लाभ उठाकर अब बिचौलिये भी सक्रिय हो गए है़ उनकी मदद से बाहरी जिले से मजदूर लाने की व्यवस्था हो रही है़ ऐसे में उनके लाने ले जाने का खर्च भी किसान को ही उठाना पड रहा है़ पहले ही फसल बचाने के लिए काफी खर्च हुआ है.

इसके बाद अब मजदूरों पर खर्च, इन सभी बातों से किसान आर्थिक संकट में घिर गया है़ ऐसी समय में कही बारिश होती है, तो किसानों के उम्मीदो पर पानी फिर सकता है़ इसी डर के कारण किसान अधिक मजदूरी चुकाकर कपास वेचाई करते नजर आ रहे़ वहीं दूसरी ओर जिले में सीसीआई के कपास खरिदी केंद्र आरंभ होने से किसानों में राहत देखने मिल रही है़ परंतु समय रहते कपास वेचाई कर खरिदी केंद्र पर लाना अत्यंत जरुरी है़