शहर को निगल रहे बैनर-होर्डिंग्स; मुख्य सड़क, चौक पर ध्यान बंटने से दुर्घटना की संभावना

    वाशिम. इन दिनों शहर में किसी भी कार्यक्रम, नियुक्ति, जन्मदिन शुभेच्छा को लेकर बैनर, होर्डिंग्स लगाने का फैशन तेजी से बढ़ता जा रहा है़  इस में हर नेता, राजनेता, सामाजिक संगठन के कार्यकर्ता अपने जन्मदिन व अन्य उपलब्धि जनता के सामने लाने के लिए होंर्डिंग का भारी मात्रा में उपयोग कर रहे है़  जिस के चलते शहर के मुख्य सड़कों पर, चौक चौराहे, कार्नर बैनरों के चपेट में आ गए है़.

    आवागमन करनेवाले नागरिकों का ध्यान इस ओर आकर्षित करने के साथ ही अपने माल की बिक्री कराने के उद्देश्य से कुछ व्यवसायिक बैनर लगाते है़  इन दिनों जन्मदिन के बढ़ते रुझान को देखते हुए छुटभैय्या नेता, कार्यकर्ता, संस्था, सदस्य भी शहर में बैनर लगाने की स्पर्धा में लगे हुए है़.

    लेकिन रोड व चौक में ये बैनर होने से लोगों का वाहन चलाते समय उनका ध्यान इस बैनर, होर्डिंग्स की ओर जाने से व विज्ञापन पर केंद्रित होने से दुर्घटना की संभावना निर्माण हो रही है. 

    इलेक्ट्रिक, टेलिफोन पोल का उपयोग 

    बसस्टैण्ड चौक से डा़ बाबासाहब आम्बेडकर चौक, पाटणी चौक से शिवाजी चौक, आम्बेडकर चौक से नगर परिषद मार्ग, अकोला नाका, हिंगोली नाका, पुसद नाका, पुराना तथा नया रिसोड नाका जैसे शहर के अनेक चौक में विविध वस्तु के बिक्री के, जन्मदिन शुभेच्छा के साथ शहर के कुछ दूकान व विक्रेताओं के बैनर, होर्डिंग्स लगाए जाते है.

    यही नही तो कई जगह पर तो ये पोस्टर, बैनर इलेक्ट्रिक, टेलिफोन पोल तथा सड़कों के किनारे रहनेवाले पेड़ों पर भी लगाए जाते है़  जिससे वाहन चालकों का ध्यान इन विज्ञापन की ओर केंद्रित होकर दुर्घटना होने की संभावना निर्माण होती जा रही है़  सामान्यतहा शहर में त्योहारों, दीपावली उत्सव, आम चुनाव परिनाम के बैनर लगाए जाते है़  त्योहारों व अन्य कार्यक्रमों की शुभकामनाए देने के लिए कंपनी का कौनसा नया प्रोडक्ट बाजार में आया है़.

    इसकी जानकारी आमजनों तक पहुंचाने के लिए महानगरों में बैनर का उपयोग किया जाता है़  लेकिन अभी शहर में भी इन दिनो होर्डिंग, बैनर का जमकर उपयोग हो रहा है़  शहर में इन दिनों जन्मदिन, प्लाटिंग की बिक्री, अन्य वस्तुओं की बिक्री, नए से चिकित्सालय खुलने की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए आकर्षित करनेवाले बैनर लगाने की बाढ़ सी आ गयी है़  इस में शहर के मुख्य चौक चपेट में आ गए है़ जिससे दुर्घटना होने की संभावना निर्माण हो रही है़  

    वाशिम जिला होने के बाद शहर का विस्तारीकरण तेजी से हुआ है़  शहर के आसपास के लोग जिला मुख्यालय में अपने विविध कामों के लिए आने की संख्या में भारी वृध्दि हो गई है़  शहर के मुख्य चौराहों में बैनर, पोस्टर, विज्ञापन के फलक लगाने से ग्रामीण भागों से यहां पर आवागमन करनेवालों का ध्यान इस ओर जाता है़  व दुर्घटना की संभावना बनी रहती है़