Collapse of major economies of the world due to Covid-19 epidemic

वाशिंगटन. कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के असर के बारे में अपनी तरह के पहले सर्वेक्षण में कहा गया है कि हर पांच में दो भारतीय-अमेरिकी कोविड-19 के कारण अपनी दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता को लेकर चिंतित हैं लेकिन लगभग सभी लोग अपनी जीवनशैली में बदलाव कर रहे हैं। फाउंडेशन फॉर इंडिया एंड इंडियन डायस्पोरा स्टडीज (एफआईआईडीएस) ने शनिवार को एक रिपोर्ट में कहा कि इसी तरह 30 प्रतिशत भारतीय-अमेरिकियों की नौकरियों और इंटर्नशिप पर आर्थिक असर पड़ा है। हाल ही में किए कोविड-19 सर्वेक्षण पर आधारित रिपोर्ट में कहा गया है कि छह में से एक व्यक्ति संक्रमित पाया गया या भारतीय समुदाय के किसी परिवार के एक ऐसे सदस्य को जानता है जो संक्रमित पाया गया।

हालांकि इस महामारी के कारण केवल कुछ ही भारतीय-अमेरिकियों पर आव्रजन संबंधी असर पड़ा है। एफआईआईडीएस के निदेशक खांडेराव कंद ने कहा, ‘‘एफआईआईडीएस ने भारतीय-अमेरिकी समुदाय पर कोविड-19 के असर का पता लगाने के लिए सर्वेक्षण किया।” अमेरिका में रह रहे भारतीय मूल के लोगों पर कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के असर के बारे में पता लगाने के लिए यह अपनी तरह का पहला सर्वेक्षण है। सर्वेक्षण के अनुसार छह भारतीय-अमेरिकियों में से पांच के पारिवारिक संबंधों में इससे कोई बदलाव या सकारात्मक बदलाव नहीं आया जबकि चार में से एक भारतीय को तनाव महसूस हुआ। एफआईआईडीएस ने कहा, ‘‘लगभग हर भारतीय-अमेरिकी अपनी जीवनशौली बदल रहा है।” अमेरिका के जॉन्स हॉप्किन्स विश्वविद्यालय के अनुसार इस संक्रमण से दुनियाभर में 99 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं और 498,000 लोगों की मौत हो चुकी है। इस महामारी से सबसे अधिक प्रभावित अमेरिका में 25 लाख से अधिक लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए और 1,25,000 से अधिक लोगों को जान गंवानी पड़ी। (एजेंसी)