Biden wishes people celebrating Ganesh Chaturthi

वाशिंगटन. डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार माने जा रहे जो बाइडेन ने एक रिपोर्ट को लेकर शनिवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर यह खबर सच्ची है तो इसमें कमांडर इन चीफ ट्रंप और अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों की रक्षा करने में उनकी नाकामी के बारे में ‘‘हैरान करने वाले खुलासे” हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स ने शुक्रवार को खबर दी कि अमेरिकी खुफिया अधिकारियों ने कुछ महीने पहले यह पता लगाया था कि रूस की एक सैन्य ईकाई ने अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों की हत्या करने के लिए तालिबान से जुड़े आतंकवादियों को इनाम की पेशकश की थी। इस खबर में बताया गया कि रूस ने पिछले साल सफल हमलों के लिए इनाम की पेशकश की थी। यह पेशकश तब की गई जब अमेरिका और तालिबान सबसे लंबे संघर्ष को खत्म करने के लिए वार्ता कर रहे थे। बाइडेन ने एक डिजिटल टाउन हॉल के दौरान कहा, ‘‘अगर टाइम्स की खबर सही है तो यह पूरी तरह से हैरान करने वाला खुलासा है और मैं फिर कहता हूं कि क्या अमेरिकी सेना के कमांडर इन चीफ राष्ट्रपति ट्रंप पहले से ही यह बात जानते थे और उन्होंने कुछ नहीं किया।” व्हाइट हाउस ने बताया कि न तो ट्रंप और न ही उपराष्ट्रपति माइक पेंस को इस खुफिया सूचना की जानकारी दी गई। रूस ने इस खबर को ‘‘बकवास” बताया है।

टाइम्स ने तालिबान के एक प्रवक्ता के हवाले से बताया कि उसके आतंकवादियों ने रूस की खुफिया एजेंसी के साथ ऐसा समझौता किया था। अखबार ने खुफिया एजेंसी से जुड़े अज्ञात अधिकारियों के हवाले से बताया कि यह जानकारी ट्रंप को दी गई थी और मार्च में उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में इस पर चर्चा की गई थी। बाइडेन ने इस पर कार्रवाई करने में कथित रूप से नाकाम रहने को लेकर ट्रंप की आलोचना की। पूर्व उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय कानून के इस गंभीर उल्लंघन के लिए वह न केवल रूस पर प्रतिबंध लगाने में नाकाम रहे बल्कि डोनाल्ड ट्रंप ने व्लादिमीर पुतिन के सामने झुकने के अपने शर्मनाक अभियान को जारी रखा।” उन्होंने कहा कि सेना में काम करने वाले अमेरिकी अपनी जान लगा देते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन उन्हें कभी ऐसे खतरे का सामना नहीं करना पड़े जिस पर उनके कमांडर इन चीफ ने उन पर इनाम रखने वाली किसी विदेशी ताकत के सामने आंख मूंद रखी हों। मैं इस रिपोर्ट से बेहद गुस्सा हूं।” बाइडेन ने वादा किया कि अगर वह चुनाव जीतते हैं तो ‘‘पुतिन का सामना किया जाएगा और रूस पर गंभीर प्रतिबंध लगाए जाएंगे।” (एजेंसी)