ब्रिटेन में विंडरश पीढी की चुनौतियों के समाधान के लिए कार्यकारी समूह का गठन

लंदन. ब्रिटेन की गृह मंत्री प्रीति पटेल ने सोमवार को ‘नेशनल विंडरश डे’ के मौके पर देश के प्रवासी समुदाय की समस्याओं के समाधान के लिए एक कार्यकारी समूह का गठन किया है। द्वितीय विश्व युद्ध के कारण श्रमिकों की संख्या में आयी कमी को दूर करने के लिए ब्रिटेन लाए गए प्रवासी लोगों के सम्मान में ‘नेशनल विंडरश डे’ मनाया जाता है । विंडरश पीढी से जुड़े हजारों लोगों के ब्रिटेन में प्रवास को अवैध बताए जाने के संबंध में अप्रैल 2018 में अनियमितता सामने आयी थी। इसके बाद ब्रिटेन सरकार ने वार्षिक तौर पर विंडरश डे मनाने और मुआवजा कार्यक्रम की घोषणा की थी। मामले के लिए पूर्व में पटेल संसद में माफी मांग चुकी हैं।

उन्होंने विंडरश पीढी और उनके वारिसों के समक्ष चुनौतियों के समाधान के लिए एक कार्यकारी समूह का गठन किया है। भारतवंशी कैबिनेट मंत्री पटेल ने कहा, ‘‘विंडरश पीढी ने जिन कठिनाइयों का सामना किया, उसे ठीक करने के लिए हमारे वादे के तहत इस समूह का गठन किया गया है । इस तरह हम सार्थक, संवेदनशील और जिम्मेदार तरीके से इन मुद्दों का समाधान कर सकते हैं।” विंडरश पीढ़ी पूर्व ब्रिटिश उपनिवेशों के नागरिकों को कहा जाता है जो 1973 से पहले ब्रिटेन आए थे। उस समय ऐसे राष्ट्रमंडल नागरिकों के ब्रिटेन में रहने एवं काम करने के अधिकारों में काफी हद तक कटौती की गई थी। इनमें से ज्यादातर लोग जमैका एवं कैरिबियाई मूल के थे जो 22 जून 1948 को ‘एम्पायर विंडरश’ पोत से यहां आए थे। उस वक्त के भारतीय एवं अन्य दक्षिण एशियाई प्रवासी भी इसी श्रेणी में आते हैं।(एजेंसी)