The man who attacked in the Church of France was a Tunisian citizen, had the Quran in his hand
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नीस (फ्रांस): फ्रांस (France) के शहर नीस (Nice) में बृहस्पतिवार को एक गिरजाघर (Church) में लोगों पर चाकू से हमला (Knife Attack) करने वाले ट्यूनीशियाई (Tunisian) हमलावर के हाथ में कुरान भी थी। इस हमले में तीन लोगों की मौत हुई थी। हमले के बाद सरकार ने सुरक्षा अलर्ट को बढ़ाकर अधिकतम स्तर का कर दिया। यह पिछले दो महीनों में फ्रांस में इस तरह का तीसरा हमला है।

नोट्रेडैम चर्च (गिरजाघर) में हमले को अंजाम देने वाला हमलावर पुलिस द्वारा पकड़े जाने के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गया था और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत नाजुक है। इस वारदात स्थल से एक किलोमीटर की दूरी पर वर्ष 2016 में बास्तील डे परेड के दौरान एक हमलावर ने ट्रक को भीड़ में घुसा दिया था, जिसमें दर्जनों लोगों की मौत हो गई थी।

फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron) ने कहा कि वह तुरंत स्कूलों और धार्मिक स्थलों की रक्षा के लिए तैनात सैनिकों की संख्या लगभग 3,000 से बढ़ाकर 7,000 तक करेंगे। फ्रांस के आतंकवाद निरोधी अभियोजक ने बताया कि संदिग्ध एक ट्यूनीशियाई है। उसका जन्म 1999 में हुआ था। वह 20 सितम्बर को लैंपड्यूसा के इतालवी द्वीप पहुंचा था और नौ अक्टूबर को दक्षिणी इटली के एक बंदरगाह शहर बारी पहुंचा।

अभियोजक ज्यां-फांसवा रिकkर्ड ने हालांकि वह नीस कब पहुंचा इसकी कोई जानकारी नहीं दी। रिकार्ड ने बताया कि हमलावर के पास पवित्र ग्रंथ कुरान की एक प्रति और दो फोन थे। ट्यूनीशिया की आधिकारिक समाचार एजेंसी ‘टीएपी’ ने आतंकवाद रोधी अभियोजक कार्यालय के हवाले से बताया कि ट्यूनीशियाई व्यक्ति द्वारा देश की सीमा के बाहर कथित तौर पर आतंकवादी वारदात को अंजाम देने के मामले में जांच शुरू कर दी गई है। (एजेंसी)